असावरपुर टावर प्रकरण : सप्ताहभर में सर्वे का वादा अधूरा, ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
टावर पर चढ़े सुनील को उतारने के लिए दिया गया था जमीन के बदले जमीन का भरोसा
फोटो :30: सोनीपत के गांव असावरपुर में रोष जताते किसान व ग्रामीण। स्रोत किसान
संवाद न्यूज एजेंसी,
सोनीपत। गांव असावरपुर में जमीन अधिग्रहण के विरोध में टावर पर चढ़े ग्रामीण को दिए गए आश्वासन के 10 दिन बाद भी प्रशासनिक अमले के गांव में नहीं पहुंचने से किसानों में आक्रोश बढ़ गया है। रविवार को गांव में प्रधान राजपाल सेवली के नेतृत्व में ग्रामीणों व किसानों ने प्रदर्शन कर रोष प्रकट किया।
किसानों का कहना है कि उन्हें आश्वासन दिया गया था कि एक सप्ताह के भीतर अधिकारियों की टीम गांव में पहुंचकर मकानों का सर्वे करेगी लेकिन अब तक कोई अधिकारी गांव में नहीं आया।
इससे नाराज ग्रामीणों ने धरनास्थल पर एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस दौरान रामबीर कौशिक, रामेश्वर पंडित, रमेश आंतिल, सुनील, महासिंह, अमित, मंजीत, ताहरसिंह, किरणपाल, नरेश और श्रीपाल चौहान सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
यह है मामला
राजीव गांधी एजुकेशन सिटी के लिए अधिग्रहित भूमि में असावरपुर निवासी सुनील की जमीन भी शामिल है। इस पर उसने स्कूल सहित अन्य निर्माण कर रखा है। यह निर्माण प्रस्तावित सड़क के बीच में आ रहा है। इसी के चलते एचएसवीपी की टीम 23 मार्च को निर्माण हटाने के लिए मौके पर पहुंची थी। सुनील और उसके परिवार ने निर्माण न हटाने की अपील की थी लेकिन जब अधिकारियों ने कार्रवाई की तैयारी की तो सुनील करीब 250 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ गए थे। चार दिन बाद 27 मार्च को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली और ओएसडी वीरेंद्र बड़खालसा के हस्तक्षेप से किसानों के प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री नायब सैनी के बातचीत के बाद मिले आश्वासन पर सुनील टावर से नीचे उतर गए थे। किसानों को भरोसा दिलाया गया था कि जमीन ट्रांसफर नीति के तहत प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर शुरू कर दी जाएगी और अधिकारी गांव में पहुंचेंगे। अब 10 दिन बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने से किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।