फोटो :30: सोनीपत में राठधना रोड पर सुबह साढ़े सात बजे छाया कोहरा। संवाद
सोनीपत। शीतलहर और घने कोहरे की वजह से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। रविवार देर रात से ही ठंड का असर बना रहा। सुबह साढ़े छह बजे अचानक छाए घने कोहरे ने हालात और बिगाड़ दिए। दृश्यता बेहद कम होने से सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई जबकि रेल यातायात भी प्रभावित रहा। हाईवे पर वाहन रेंगते नजर आए।
कंपकंपाती ठंड ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया। सुबह करीब साढ़े नौ बजे सूर्य के दर्शन जरूर हुए, लेकिन बर्फीली हवा के आगे धूप भी बेअसर साबित हुई। दिनभर चलती ठंडी हवाओं ने ठिठुरन को और बढ़ा दिया। लोग ऊनी कपड़ों में लिपटे रहे, वहीं अलाव और हीटर ही राहत का सहारा बने।
मौसम विभाग के अनुसार जिले में न्यूनतम तापमान 1.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.1 डिग्री कम रहा। इससे पहले सबसे कम न्यूनतम तापमान 2021 में 1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। उसके बाद से अब पहली बार न्यूनतम तापमान 1.6 डिग्री दर्ज किया गया है। लगातार तीसरे दिन न्यूनतम तापमान 4 डिग्री से नीचे बना हुआ है। अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
दिन में औसतन दो किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवा चलती रही जिससे दिनभर ठंड का अहसास बना रहा। सोमवार इस सीजन का अब तक का सबसे सर्द दिन माना जा रहा है। वहीं वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 139 दर्ज किया गया जो मध्यम श्रेणी में रहा। कड़ाके की ठंड में आमजन बेहाल, किसान खुशहाल : कड़ाके की ठंड से आम नागरिक परेशान हैं तो किसानों के लिए यह मौसम राहत लेकर आया है। कृषि उप निदेशक डॉ. पवन शर्मा ने बताया कि रबी फसलों विशेषकर गेहूं के लिए ठंड लाभकारी है। ठंड के कारण गेहूं के पौधों में बेहतर फुटाव होता है। इससे पैदावार बढ़ने की उम्मीद रहती है। यदि आने वाले दिनों में तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होती है और अचानक गर्मी नहीं पड़ती तो यह मौसम फसलों के लिए आदर्श साबित होगा।