सोनीपत में कोहरे के बीच स्कूल जाने के लिए तैयार विद्यार्थी बस का इंतजार करते हुए। संवाद
सोनीपत। सर्दी का सितम चरम पर पहुंचने लगा है। कड़ाके की ठंड के साथ ही घने कोहरे से जनजीवन प्रभावित होकर रह गया है। कोहरे के कारण दृश्यता तड़के 10 मीटर तक रही, जिससे हाईवे पर वाहन धीमी गति से चले। हालांकि शीतलहर चलने सुबह तक दृश्यता बढ़ते 50 मीटर से अधिक हो गई थी। जिससे वाहन चालकों ने राहत महसूस की। मंगलवार को इस सीजन का सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। तापमान रिकार्ड 2.4 डिग्री तक गिरने से लोग कांपने को मजबूर हो गए। लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लेते दिखाई दिए। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो अभी चार दिन तक कोहरा से निजात मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे।
सोमवार देर रात से छाया कोहरा मंगलवार सुबह करीब 12 बजे छट सका। जिसके बाद निकली धूप ने थोड़ी राहत दी, लेकिन शीतलहर चलने से लोगों को खासी मुसीबत हुई। छह किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से चल रही शीतलहर में लोग कांपते रहे। प्रदूषण का स्तर फिर से बढ़ गया है। वायु गुणवत्ता सूचकांक 233 दर्ज किया गया। एक दिन पहले यह 162 दर्ज किया था। जिले में अधिकतम व न्यूनतम तापमान में भी गिरावट आई है। अधिकतम तापमान 14.4 डिग्री व न्यूनतम तापमान 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सोमवार को अधिकतम तापमान 15.8 डिग्री व न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
कहीं फायदा तो कहीं मुसीबत बढ़ा रहा कोहरा
जिले में छाई कोहरे की चादर से जनजीवन प्रभावित है। ठंड बढ़ने से गेहूं व रबी की फसलों को जहां फायदा पहुंचेंगा वहीं वाहन चालकों के लिए यह मुसीबत बन रहा है। कोहरे के कारण दृश्यता कम होने से वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लगे हैं। मंगलवार दोपहर को शीतलहर चलने व धूप निकलने से कोहरे का प्रभाव कुछ कम हुआ था, लेकिन शाम करीब साढ़े सात बजे से दोबारा कोहरे की चादर फैलने लगी थी।
वर्जन
जिले में कोहरे का असर गहराया हुआ है। दोपहर को धूप निकलने से आंशिक राहत मिली थी। मंगलवार का दिन सर्द सीजन का अब तक का सबसे ठंडा दिन रहा। हवा का दबाव कम होने से जिले में देर शाम को कोहरे का प्रभाव फिर से गहराने लगा था। जिले में चार दिन तक कोहरे का प्रभाव बने रहने के आसार बने हुए हैं।
डॉ. प्रेमदीप सिंह, मौसम विज्ञानी, कृषि विज्ञान केंद्र, जगदीशपुर