सोनीपत। पानीपत स्टेशन पर महिला से सामूहिक दुष्कर्म के बाद उसे सोनीपत स्टेशन के पास फेंकने के मामले की जांच करने मंगलवार को जीआरपी अंबाला मंडल की पुलिस अधीक्षक निकिता गहलोत, पानीपत के पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह, एसआईटी व सीआईए वन की टीम सोनीपत पहुंची। टीमों ने अलग-अलग समय पर घटनास्थल का निरीक्षण किया।
शाम करीब साढ़े 4 बजे के बाद सोनीपत पहुंची टीमों ने आसपास के लोगों व कुछ दुकानदारों से मामले को लेकर पूछताछ की। साथ ही क्षेत्र में लगे सीसीटीवी की फुटेज भी खंगाली। करीब डेढ़ घंटे तक टीम घटनास्थल व आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण करने के बाद लौट गई।
पूछताछ में दुकानदारों ने बताया कि मंडी गेट की ओर उतरने वाले फ्लाईओवर के पास डाउन लाइन पर एक महिला के रोने की आवाज सुनकर वह मौके पर पहुंचे थे। महिला ने अपने पैर पर चुन्नी लपेटे हुई थी। लाइन पार करने के दौरान ट्रेन की चपेट में आने से उसका पैर कट गया था। इसकी सूचना जीआरपी को दी गई थी। जीआरपी ने महिला को नागरिक अस्पताल पहुंचाया था। फिलहाल महिला रोहतक पीजीआई में उपचाराधीन है।
यह था मामला
अंबाला-दिल्ली रेलमार्ग पर 25 जून को एक सवारी गाड़ी की चपेट में आने से महिला का पैर कट गया था। जीआरपी ने महिला को नागरिक अस्पताल पहुंचाया था। चिकित्सकों ने उसकी हालत गंभीर देखते हुए रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया था। बाद में पता चला था कि महिला पानीपत की रहने वाली है। किला थाने में एक दिन पहले ही उसकी गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज कराया गया था। सोनीपत जीआरपी ने मामले में पानीपत पुलिस से संपर्क किया था। पीजीआई रोहतक में उपचाराधीन महिला ने होश में आने के बाद आरोप लगाया था कि पानीपत स्टेशन पर उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। बाद में ट्रेन से सोनीपत लाकर फेंक दिया गया था। वह उठकर ट्रैक पार करने लगी तो अचानक उनका पैर ट्रेन के नीचे आने से कट गया था। पानीपत पुलिस की ओर से मामले में एसआईटी का गठन कर जांच शुरू कर दी थी।