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Sonipat News: चिराग योजना व हिंदी माध्यम से शिक्षा नहीं देने के विरोध में अध्यापकों ने किया प्रदर्शन

Thu, 18 Apr 2024 11:35 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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सोनीपत। चिराग योजना और मॉडल संस्कृति स्कूलों में सिर्फ अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा देने के विरोध में हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के पदाधिकारियों ने वीरवार को जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी जितेंद्र छिक्कारा को मुख्यमंत्री के नाम मांगों संबंधी ज्ञापन सौंपा।
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संघ के जिला प्रधान जोगिंद्र सिंह ने बताया कि मॉडल संस्कृति स्कूलों में केवल अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जा रहा है, जबकि शिक्षाविदों ने बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए स्थानीय भाषा या मातृभाषा में शिक्षा देने पर जोर दिया है। इन विद्यालयों में पहली कक्षा में अनिवार्य रूप से हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाए। उसे क्षेत्र में हिंदी माध्यम का दूसरा विद्यालय भी नहीं है।
दिनेश छिक्कारा ने कहा कि मॉडल स्कूलों में ढांचागत सुविधाओं के अनुसार प्रवेश दिया जा रहा है। कमरों व शिक्षकों की संख्या कम है तो प्रवेश भी कम विद्यार्थियों को दिया जा रहा है। विद्यार्थियों को प्रवेश अनुसार ढांचागत सुविधा उपलब्ध कराई जाए, आरक्षण प्रणाली खत्म की जाए। इस मौके पर खंड प्रधान राजेंद्र वैद, सर्व कर्मचारी संघ सोनीपत के जिला प्रधान देशराज नैन, राजा भैया, अमित, आनंद हुड्डा, ऋषिकेष, अनिल कुमार, रमेश शास्त्री, जगमोहन, हंसराज, रोहतास चहल, अनिल मेहरा, रामप्रसाद, रामकुमार, राजेंद्र वैद्य सहित अन्य मौजूद रहे।
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जिला सचिव नरेंद्र चहल ने कहा कि यह पहली सरकार है जो विद्यार्थियों को चिराग योजना के नाम पर निजी विद्यालयों में भेज उनकी फीस दे रही है जबकि अपने सरकारी मॉडल स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों से फीस वसूल रही है। चिराग योजना से सरकारी स्कूलों में नामांकन घट रहा है। जिला कोषाध्यक्ष रोहताश गंगाना ने कहा कि आजादी के बाद देश को शिक्षा अधिकार अधिनियम निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार मिला है। जिसके अनुसार आठवीं कक्षा तक शिक्षा निशुल्क है। प्रदेश सरकार मॉडल संस्कृति स्कूलों के नाम पर कानून का उल्लंघन कर दाखिला व मासिक ट्यूशन फीस वसूल रही है। हमारी मांग है कि चिराग योजना को वापस लिया जाए, शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्य न लिए जाएं व निशुल्क शिक्षा दी जाए।
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