सोनीपत। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी विद्यालयों में विद्यार्थियों को दाखिला देने के लिए वीरवार को डॉ निकाला गया। इसमें चयनित विद्यार्थियों को 22 अप्रैल तक दाखिला दिया जाएगा। वहीं काफी विद्यार्थी ऐसे रहे जिनका ड्राॅ में नाम नहीं आया। ऐसे विद्यार्थियों के अभिभावकों ने खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जाकर शिकायत दी। आरोप लगाया गया है कि उनके आवेदन ही निरस्त कर दिए गए हैं। इस पर शिक्षा अधिकारियों ने जांच करवाने का आश्वासन दिया है।
आरटीई के अंतर्गत निजी विद्यालयों में दाखिला करवाने के लिए 15 अप्रैल तक आवेदन प्रक्रिया चली थी जिसमें सोनीपत खंड के करीब 138 विद्यालयों में 1123 आवेदन प्राप्त हुए थे। निर्धारित 25 फीसदी सीटों पर दाखिला देने के लिए वीरवार को ड्रा निकाला गया। अभिभावकों का आरोप है कि इस नियम के तहत बेहद कम विद्यार्थियों को दाखिला दिया गया है जबकि अधिकतर विद्यार्थियों के आवेदन ही रद्द कर दिए। शिक्षा विभाग ने प्रत्येक स्कूल से निर्धारित सीटें, प्राप्त आवेदन और इस नियम के तहत दिए गए दाखिलों का विवरण मांगा है।
पहले सूचना नहीं दी, अब निरस्त कर दिए आवेदन
मॉडल टाउन स्थित बीईओ कार्यालय में पहुंची अभिभावकों वैशाली, कविता, सविता, प्रियंका व अन्य ने आरोप लगाया कि उन्होंने अपने बच्चों का दाखिला निजी स्कूलों में करवाने के लिए आरटीई के तहत आवेदन किया था। अब ड्रा में बच्चों का नाम ही नहीं आया। स्कूल कारण बताने को तैयार नहीं है। कुछ स्कूलों ने कहा कि सबसे निचली कक्षा में ही दाखिला करने का प्रावधान है। अभिभावकों का आरोप है कि यह सूचना आवेदन जमा करते समय देनी चाहिए थी, ताकि वह अन्य विकल्प तलाशते। जबकि ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने अधिकारियों से दाखिले कराने की मांग की है।
वर्जन
आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में दाखिले के लिए वीरवार को ड्राॅ निकाला गया। इसमें चयनित विद्यार्थियों को 22 अप्रैल तक दाखिला दिया जाना है। निजी विद्यालयों से इसकी रिपोर्ट मांगी गई है। कुछ अभिभावकों ने आवेदन निरस्त करने की शिकायत दी है। इसकी जांच के लिए कमेटी बनाई जाएगी जो स्कूल में जाकर संबंधित शिकायत की जांच करेगी।-मंजू गर्ग, खंड शिक्षा अधिकारी, सोनीपत।