सोनीपत। खेल मंत्रालय ने भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) पर लगाए गए निलंबन को हटा दिया है। जिससे विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन का रास्ता साफ हो गया है। वहीं कुश्ती की नई पौध को भी संजीवनी मिली है। खेल मंत्रालय की तरफ से दिए गए फैसले को लेकर सोनीपत जिले में कुश्ती अकादमी संचालकों ने अपने विचार व्यक्त किए हैं।
भारतीय कुश्ती महासंघ पर लगाए गए निलंबन के कारण कई महीनों से खेल गतिविधियां प्रभावित हो रही थीं। यही नहीं सीनियर नेशनल के खेलों तक को मान्यता नहीं मिल रही थी। जिसका खामियाजा खिलाड़ियों को भुगतना पड़ रहा था। निलंबन हटने से खिलाड़ियों ने भी राहत की सांस ली है। इस निर्णय से खेलों को लेकर बनी अनिश्चितता समाप्त हो गई है। अब खिलाड़ियों के लिए विभिन्न खेल गतिविधियां आयोजित की जा सकेंगी।
-खेल मंत्रालय ने जो निर्णय लिया है, वह बहुत सोच-समझकर ही लिया होगा। निलंबन हटने के बाद भारतीय कुश्ती महासंघ कैसा काम करेगी, इसकी तस्वीर भविष्य में ही साफ हो सकेगी।
-कुलदीप मलिक, संचालक, कुलदीप मलिक खेलकूद अकादमी, बड़वासनी
-भारतीय कुश्ती महासंघ पर निलंबन के कारण नए बच्चों को आगे बढ़ने का रास्ता नहीं मिल पा रहा था। खेल मंत्रालय के फैसले से नई पौध को आगे बढ़ने का मार्ग मिलेगा और खिलाड़ियों को राहत मिलेगी।
-चौ. खजान सिंह कुश्ती अकादमी (अखाड़ा), जुआं।
-डब्ल्यूएफआई पर लगे प्रतिबंध के कारण सीनियर नेशनल व फेडरेशन के खेलों को मान्यता नहीं मिल पा रही थी। प्रतिबंध हटने से अब विभिन्न खेल गतिविधियाें को शुरू करवाने का रास्ता भी साफ हो गया है। वहीं फेडरेशन व अन्य खेलों को मान्यता मिल सकेगी।
-कुलबीर राणा, प्रशिक्षक, युद्धवीर अखाड़ा, ककरोई रोड
फोटो 42- कुलदीप मलिक, संचालक, कुलदीप मलिक खेलकूद अकादमी, बड़वासनी।
फोटो 42- कुलदीप मलिक, संचालक, कुलदीप मलिक खेलकूद अकादमी, बड़वासनी।