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दो लाख आबादी को जगी विकास की उम्मीद, सर्वे इसी सप्ताह

Tue, 08 Dec 2015 12:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
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जिले की दो लाख आबादी को आधिकारिक तौर पर मूलभूत सुविधाएं मिलने की उम्मीद जग गई है। प्रदेश के शहरी निकाय विभाग ने नगर निगम सोनीपत, नगर परिषद गोहाना और नगर पालिका खरखौदा व गन्नौर से दो माह के अंदर अवैध कॉलोनियों की सर्वे रिपोर्ट मांगी है। विशेष टीम इसी सप्ताह सर्वे करने के लिए सोनीपत पहुंचेगी, जो सोनीपत सिटी के साथ हाल ही में नगर निगम में शामिल किए गए 26 गावों में भी लालडोरा के बाहर सर्वे करेगी। रिपोर्ट के बाद ही सरकार कॉलोनियों को वैध करने की प्रक्रिया शुरू कर सकेगी। आबादी बढ़ने के चलते प्रदेश में अवैध कॉलोनियों का दायरा बढ़ता जा रहा है। बिना नियम के लोग न केवल घर बना लेते हैं, बल्कि खानापूर्ति के नाम पर स्थानीय निकाय और डीटीपी विभाग की बेरुखी के चलते पूरी कॉलोनी बस जाती हैं। इसके चलते सरकार और प्रशासन के पास उक्त कालोनियों को वैध करने के सिवाए कोई रास्ता नहीं बचता।
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सिटी की इन छह कालोनियों का भी इंतजार होगा खत्म
2013 में तत्कालीन नगर परिषद प्रशासन ने शहर की 22 कॉलोनियों को वैध करने के लिए फाइल चंडीगढ़ शहरी निकाय विभाग के पास भेजी थी, जहां 16 कॉलोनियों को तो वैध कर दिया गया, लेकिन नियम पूरे नहीं होने से इंडियन कॉलोनी, लक्ष्मी नगर, राजीव कॉलोनी, मयूर विहार का बाहरी हिस्सा और एक अन्य को वैध घोषित नहीं किया जा सका। इस कारण धरातल पर विकास कार्य कराते समय आज भी अधिकारियों को कठिनाई होती है। निगम प्रशासन के मुताबिक अब नए सर्वे में उक्त छह कॉलोनियों को भी शामिल किया जाएगा।

लालडोरे के बाहर रहेगा 26 गांवों में फोकस
जुलाई 2015 में प्रदेश सरकार ने सोनीपत नगर परिषद को नगर निगम का दर्जा दे दिया। इसके चलते राई, मुरथल और सोनीपत ब्लॉक की 26 पंचायतों को निगम में शामिल करना पड़ा। अब निगम की सीमा जीटी रोड से आगे यमुना की तरफ दीपालपुर, कुमासपुर और खेवड़ा से आगे तक हो गई है। ऐसे में निगम नए सिरे में उक्त गांवों के एरिया को भी शामिल करेगा। जमीन के पुराने रिकार्ड के तहत गांवों में लालडोरे से बाहर बने मकानों को ही अवैध माना जाएगा। लालडोरे के अंदर के हिस्से नियमों के तहत पहले की तरह वैध हैं। वहां पर ग्रामीण किसी भी तरह का अपनी मर्जी से निर्माण कर सकते हैं।
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यह शर्तें करनी होगी पूरी
-31 मार्च 2015 तक 50 प्रतिशत एरिया में मकान बने होने चाहिए।
-एरिया में किसी भी तरह की सरकारी या विवादित जमीन नहीं होनी चाहिए।
-नियमों के तहत मकानों और गलियों का निर्माण किया गया हो।
-एरिया में बिजली, पानी, सीवरेज और सड़क देने के लिए भौगोलिक स्थिति उपयुक्त होनी चाहिए।

गोहाना, गन्नौर और खरखौदा में भी होगा सर्वे
शहरी निकाय विभाग के निदेशक की ओर से जो पत्र भेजा गया है, उसमें साफ किया गया है कि एक ही टीम सोनीपत नगर निगम एरिया, गोहाना नगर परिषद, खरखौदा और गन्नौर नगरपालिका एरिया की अवैध कॉलोनियों में सर्वे करेगी। इसके लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से भी अधिकारियों को निर्देश दिए जा चुके हैं। दो महीने के अंदर पूरी रिपोर्ट चंडीगढ़ पहुंच जानी चाहिए।

जल्द सर्वे शुरू, एक माह में भेजेंगे रिपोर्ट
विभाग का पत्र मिला है। इसी सप्ताह सर्वे टीम सोनीपत पहुंच जाएगी। एक माह के अंदर निगम के अलावा गन्नौर, गोहाना और खरखौदा की अवैध कॉलोनियों की भी रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
-टीएल शर्मा, एक्सीएन नगर निगम, सोनीपत

16 हो चुकी वैध, 40 को और वैध करने का रखा लक्ष्य
शहर की 16 कालोनियों को 2013 में वैध करने के लिए चंडीगढ़ फाइल भेजी गई। इसमें निमभन कालोनियों राजीव विहार, जीवन नगर, शिव कालोनी, चावला कालोनी, ऋषि कालोनी, हनुमान नगर, प्रगति नगर और छोटूराम कॉलोनी, शास्त्री कॉलोनी, इंडियन कालोनी, मयूर विहार, लक्ष्मी नगर, सरस्वती विहार, विकास नगर, मायापुरी, कीर्ति नगर, इंदिरा नगर, भगत सिंह कॉलोनी, गोविंद नगर, पटेल नगर, कैलाश कॉलोनी, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी का बाहरी हिस्सा, शादीपुर और कबीरपुर शामिल हैं। इनमें से 16 तो वैध हो गई, लेकिन छह को आज भी इंतजार है। नए सर्वे में निगम की टीम ने निगम के नए एरिया की 34 कॉलोनियों को वैध करने का टारगेट रखा है, जो गांवों के लालडोरे के बाहर बसी हैं। इसमें जीटी रोड पर मुरथल से लेकर राई तक के दोनों किनारे शामिल हैं।
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