फोटो - गीता विद्या मंदिर स्कूल में श्रीमद्भागवत कथा सुनती हुई श्रद्धालु महिलाएं। स्रोत - प्रवक्
गोहाना। गीता विद्या मंदिर स्कूल में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन सुंदरकांड का पाठ किया गया। प्राचार्य अश्वनी कुमार और अन्य श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से पाठ में भाग लिया। उन्होंने सुख-शांति और मंगल की कामना की। संध्या समय विधिवत हवन और पूजन का आयोजन हुआ।
वीर सिंह, सोना देवी, विकास जैन, ललिता जैन, पुष्प और आरती यजमान के रूप में उपस्थित थे। हवन के बाद कथा व्यास हेमंत कृष्ण शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन किया। कहा कि भगवान की प्राप्ति के लिए निष्कपट प्रेम, श्रद्धा, समर्पण और भक्ति भाव आवश्यक है। उन्होंने गोपियों के प्रेम, भक्ति तथा भगवान के भक्तों के प्रति करुणा और वात्सल्य को भी बताया। संवाद
गोहाना। गीता विद्या मंदिर स्कूल में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन सुंदरकांड का पाठ किया गया। इससे पूरा कथा परिसर भगवान श्रीराम की भक्ति से गूंज उठा। विद्यालय के प्राचार्य अश्वनी कुमार और अन्य श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से पाठ में भाग लिया। उन्होंने सुख-शांति और मंगल की कामना की। संध्या समय विधिवत हवन और पूजन का आयोजन हुआ। वीर सिंह, सोना देवी, विकास जैन, ललिता जैन, पुष्प और आरती यजमान के रूप में उपस्थित थे। यजमानों ने विधि-विधानपूर्वक अर्चन-वंदन करते हुए हवन में आहुतियां डालीं। हवन के बाद कथा व्यास हेमंत कृष्ण शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने गोपियों के प्रेम, भक्ति तथा भगवान के भक्तों के प्रति करुणा और वात्सल्य को भी बताया। शास्त्री ने कहा कि भगवान की प्राप्ति के लिए निष्कपट प्रेम, श्रद्धा, समर्पण और भक्ति भाव आवश्यक है।