चीनी मिल में गन्ना पेराई नहीं होने के कारण खाली पड़ा यार्ड। संवाद
- फोटो : Sonipat
सहकारी चीनी मिल में तकनीकी खराबी के कारण 12 घंटे तक पेराई का कार्य बंद रहा। इससे परेशान होकर किसानों ने मिल परिसर में प्रबंध निदेशक कार्यालय के बाहर हंगामा किया। उनका आरोप था कि मिल प्रबंधन की ओर से उन्हें बार-बार परेशान किया जा रहा है। मिल नहीं चलने के कारण किसानों को यूपी की चीनी मिलों में गन्ना डालने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। मिल परिसर में गन्ना डालने के लिए किसानों को दी जाने पर्चियों में भी गड़बड़ी की जा रही है। इस समस्या को किसानों ने प्रबंध निदेशक जितेंद्र जोशी को बताया। लेकिन वहां से कोई राहत नहीं मिलने के बाद रोषित किसान लघु सचिवालय पर पहुंचे। जहां उन्होंने उपायुक्त ललित सिवाच को शिकायत देकर मामले की जांच कराने की मांग की। इस पर उपायुक्त ने किसानों को जांच कराने का आश्वासन दिया।
किसान रामबीर आंतिल, बिजेंद्र नांदनौर, जितेंद्र कुमार, रविंद्र मुरथल ने बताया कि सहकारी चीनी मिल में गन्ना पेराई धीमी गति से कराई जा रही है। ऐसे में मिल यार्ड में गन्ने से भरी 100 से ज्यादा ट्रॉलियां खड़ी हैं। गन्ना पेराई समय पर नहीं होने के कारण किसानों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। खेतों में गन्ना की फसल खड़ी है, गर्मी की वजह से फसल सूखने की कगार पर है। लेकिन मिल में गन्ना पेराई कराने में लापरवाही बरती जा रही है। ऐसे में यहां के किसानों को ज्यादा खर्च कर यूपी की चीनी मिलों में गन्ना डालने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। जिससे उनकी बचत पर असर पड़ रहा है। अधिकारियों की लापरवाही की खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
किसानों का आरोप है कि मिल प्रबंधन की ओर से पर्चियां देेने में गड़बड़ी की जा रही है। अधिकारी व निरीक्षक चहेते किसानों को समय पर पर्चियां दिलवा रहे हैं। अन्य किसानों को समय पर गन्ना डालने के लिए पर्चियां तक नहीं मिल रही है। पर्चियां नहीं मिलने के कारण खेतों में गन्ने की फसल की कटाई का कार्य प्रभावित हो रहा है। किसानों के हंगामे के बाद प्रबंध निदेशक जितेंद्र जोशी कार्यालय से बाहर आए और किसानों की समस्याएं सुनने लगे। इस दौरान किसानों को प्रबंध निदेशक से ठोस आश्वासन नहीं मिला तो किसान लघु सचिवालय स्थित द सोनीपत सहकारी चीनी मिल के चेयरमैन एवं उपायुक्त ललित सिवाच से मिलने पहुंच गए। जहां पर किसानों ने उपायुक्त को मांगपत्र सौंपकर मिल में गन्ना पेराई का कार्य तेज रफ्तार से शुरू कराने की मांग की। साथ ही उन्हें गन्ने की पर्चियां जल्द जारी कराने की मांग की। इस पर उपायुक्त ने किसानों को उनकी समस्याओं का समाधान कराने का आश्वासन दिया।
चीनी मिल में तकनीकी खराबी आने के कारण गन्ना पेराई का कार्य बाधित हो गया था। दोपहर 12 बजे के बाद मिल में दोबारा पेराई का कार्य शुरू करा दिया है। किसानों ने अपनी समस्याएं उनके सामने रखी हैं, जिनके समाधान का आश्वासन दिया गया है। आहुलाना स्थित चौ. देवीलाल सहकारी चीनी मिल के प्रबंधन निदेशक से बातचीत हुई है। जल्द ही यहां का गन्ना आहुलाना मिल में पहुंचाया जाएगा। जितेंद्र जोशी, प्रबंध निदेशक सहकारी चीनी मिल।
चीनी मिल में गन्ना पेराई नहीं होने के कारण रोष जताते किसान। संवाद- फोटो : Sonipat