सोनीपत। दी सोनीपत सहकारी चीनी मिल में बने गोदाम में बिना रिकार्ड के लाखों रुपये कीमत की चीनी के भंडारण में गड़बड़ी के मामले की जांच सोमवार को हुई। गन्नौर के एसडीएम डॉ. निर्मल नागर ने मिल में तैनात 15 कर्मचारियों के बयान दर्ज किए है। उन्होंने लेखा शाखा से रिकार्ड मांगा है। जिसको लेकर एक सप्ताह का समय दिया गया है। जांच में कई कर्मचारियोें की भूमिका संदेह के घेरे में है। ऐसे में जांच पूरी होने के बाद खुलासा हो पाएगा।
मिल के प्रबंध निदेशक डॉ. संजय कुमार ने कुछ समय पहले कर्मचारियों की सीट बदली थी। नए कर्मचारी ने चार्ज लिया और स्टाॅक का मिलान करने पर चीनी से 972 बैग अधिक मिले। इसके बाद एमडी ने कमेटी की जांच कराई, लेकिन वह जांच रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद मामले की जांच चौधरी देवीलाल सहकारी चीनी मिल, आहुलाना के अधिकारियों से कराई तो उन्होंने भी गोदाम में अधिक बैग होने की बात कही थी। ऐसे में गोदाम में अतिरिक्त बैग मिलने पर सवाल खड़ा हो गया है। इसकी जांच को कमेटी का गठन किया गया था और उपायुक्त व उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया था।
गोदाम में वर्ष 2022-23 पेराई सत्र के दौरान तैयार की गई चीनी को भी रखा हुआ है। इससे पहले वर्ष 2013-14 के पेराई सत्र के दौरान भी 478 चीनी के बैग की गड़बड़ी मिली है। इसकी एंटी करप्शन ब्यूराे की तरफ से जांच की गई थी। वर्ष 2020 में करीब 13 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था।
बड़े अधिकारी भी संदेह के घेरे में आए
चीनी के बैगों को वर्ष-2022-23 पेराई सत्र के दौरान कारखाने में तैयार किया गया है। 972 बोरी चीनी की कीमत बाजार में 20 लाख रुपए से अधिक है। जिससे बिक्री संख्याा के अधिकारी और कर्मचारी भी संदेह के घेरे में आ गए थे। इतने बड़े कारनामे में जांच के बाद कौन मास्टरमाइंड मिलता है। जांच के बाद पता चल पायेगा।
वर्जन
गोदाम में जांच के दौरान 972 चीनी के बैग बिना रिकार्ड के मिले हैं। इस संबंध में जांच अधिकारी बनाया गया है। सोमवार को 15 कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए है। वहीं लेखा विभाग से भी रिकार्ड मांगा गया है। जिसको लेकर एक सप्ताह का समय दिया गया है। इसकी रिपोर्ट तैयार करके उच्च अधिकारियों को सौंपी जायेगी।-डाॅ. निर्मल सिंह, एसडीएम गन्नौर एवं जांच अधिकारी।