गोहाना। भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय खानपुर कलां में उद्यमिता, कौशल विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय के स्वावलंबन केंद्र की ओर से एमएसएमई उद्यमिता एवं कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें छात्राओं को व्यवसाय शुरू करने और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर सुदेश मुख्य अतिथि रहीं। उन्होंने कहा कि आज के समय में केवल पढ़ाई ही नहीं बल्कि उसे उद्योग और व्यवसाय में बदलने की समझ भी जरूरी है। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने विषय और पोषण से जुड़े ज्ञान का उपयोग करते हुए नए उद्यम शुरू करें और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान दें।
सीबीएलयू भिवानी के विधि विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रमोद मलिक ने अपने सत्र में आविष्कार, खोज और नवाचार के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बौद्धिक संपदा अधिकार और पेटेंट के महत्व को उदाहरणों और केस स्टडी के जरिए समझाया।
पंजाब नेशनल बैंक खानपुर कलां के सीनियर मैनेजर संदीप यादव ने एमएसएमई की अलग-अलग श्रेणियों, ऋण सुविधाओं, पात्रता, ब्याज दर और भुगतान प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने महिला उद्यमियों को मिलने वाली रियायतों और सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में भी बताया।
वाईएमडब्ल्यू फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक योगेंद्र कुमार ने मशरूम उत्पादन, स्टार्टअप शुरू करने और वैल्यू एडेड उत्पाद बनाने के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड योजना के तहत मिलने वाले प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता के बारे में भी जानकारी दी।
कार्यक्रम का आयोजन एमएसएमई ईएसडीपी की नोडल अधिकारी प्रोफेसर अंशु भारद्वाज और खाद्य एवं पोषण विभागाध्यक्ष प्रोफेसर बीनू तंवर के समन्वय में किया गया। शुरुआत में प्रोफेसर अंशु भारद्वाज ने अतिथियों का स्वागत किया और कार्यक्रम के उद्देश्य बताए।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने उद्यमिता और व्यवसाय से जुड़े सवाल पूछकर सक्रिय भागीदारी दिखाई। अंत में खाद्य एवं पोषण विभागाध्यक्ष प्रोफेसर बीनू तंवर ने सभी का धन्यवाद किया।