सोनीपत। नगर निगम क्षेत्र में गोवंशों को पकड़ने का अभियान शुरू हो गया है। शहर में स्ट्रे कैटल फ्री अभियान शुरू होने से लोगों को काफी राहत मिल सकेगी। राष्ट्रीय राजमार्ग व स्टेट हाईवे पर गोवंशों की वजह से वाहन चालकों को परेशानी हो रही थी। शहर में सड़क पर घूम रहे गोवंशों से राहगीर और वाहन चालक परेशान हैं। जनसुविधा को देखते हुए नगर निगम ने गोवंश पकड़ने का काम शुरू कराया है।
15 दिसंबर, 2023 को गोवंशों को पकड़ने का टेंडर खत्म हो गया था। ऐसे में सड़कों पर करीब 1000 गाेवंश घूम रहे हैं। इसके चलते वाहन चालकों को धीमी गति से वाहन चलाने पड़ रहे हैं। गोवंश के सड़क पर आने से दुर्घटना होने की आशंका रहती है। नगर निगम ने तीन बार टेंडर लगाकर 11 जुलाई को आवंटित कर दिया था। करीब एक माह बाद एजेंसी ने गोवंश पकड़ने का अभियान शुरू किया था। शुरुआत में लोगों ने गो तस्कर समझकर एजेंसी के कर्मियों का विरोध किया था। इससे एजेंसी को गोवंश पकड़ने में परेशानी हुई थी। कुमासपुर व हरसाना कलां स्थित नंदीशालाओं में गोवंश रखने की क्षमता कम होने से सभी गोवंशों को नहीं पकड़ा जा सका था।
एक सप्ताह में 80 गोवंश पकड़े जा चुके
गांव हरसाना कलां स्थित नंदीशाला में 500 गोवंश रखने की क्षमता है। वर्तमान में वहां पर 400 गाेवंश हैं। गांव कुमासपुर स्थित नंदीशाला में 1500 गोवंश रखने की क्षमता है, वर्तमान में करीब 1100 गोवंश हैं। एजेंसी ने एक सप्ताह पहले गोवंश पकड़ने का अभियान शुरू किया था। अब तक करीब 80 गोवंश पकड़े जा चुके हैं। वर्तमान में इन गोवंशों को कुमासपुर नंदीशाला में छोड़ा जा रहा है। पशुपालन विभाग की तरफ से नंदीशाला में छोड़े गए गोवंशों का सत्यापन न किए जाने से एजेंसी को अब तक कोई भुगतान नहीं किया जा सका है।
24 सितंबर को प्रकाशित किया था समाचार
अमर उजाला में 24 सितंबर के अंक में सड़क पर गोवंश का मुद्दा प्रमुखता से प्रकाशित किया था। उस समय नगर निगम प्रशासन विधानसभा चुनाव कराने की तैयारी में व्यस्त था। चुनाव संपन्न होने के बाद नगर निगम ने सड़कों पर घूम रहे गोवंशों की तरफ ध्यान दिया। दिवाली पर्व के बाद एजेंसी ने गोवंशों को पकड़ने का अभियान शुरू किया है।
निगम क्षेत्र में गोवंशों को पकड़ने का अभियान तेज कर दिया गया है। गोवंशों को कुमासपुर नंदीशाला में छोड़ा जा रहा है, साथ ही पशुपालन विभाग को पकड़े गए गोवंशों का सत्यापन करने के लिए पत्र लिखा है।
- साहब सिंह, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर निगम