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सौतेली मां ने गलत बस में बैठाकर नेपाल से भेजा किशोर

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नेपाल के 14 वर्षीय किशोर को सौतेली मां ने गलत बस में बैठाकर शिमला भेज दिया। वहां रहकर मासूम ने गुजर-बसर के लिए नमकीन की फैक्टरी में काम किया और परिजनों की याद आई तो उनसे मिलने के लिए वह किसान आंदोलनकारियों की बस से कुंडली पहुंच गया। जहां से उसे सपना बाल कुंज में भेज दिया गया। इसके बाद परिजनों की खोज में लगी बाल संरक्षण अधिकारी आरती ने उसके परिवार का पता लगा लिया है। उसे अब नेपाल भेजा जाएगा। इसी तरह गुजरात से भागकर गोहाना क्षेत्र में आए किशोर के परिजनों का भी पता लगा लिया गया है।
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जिला बाल संरक्षण अधिकारी डॉ. रितु के निर्देशन में बाल संरक्षण अधिकारी आरती व बाल संरक्षण अधिकारी (संस्थानिक) ममता शर्मा ने अपने परिवार से अलग हुए दो किशोरों के परिजनों का पता लगा लिया है। इसमें एक किशोर तो नेपाल का रहने वाला है। इसके लिए बाल संरक्षण अधिकारी आरती ने पहल की और ममता शर्मा के सहयोग से उनके परिजनों का पता लगाने में सफल रही। अब जल्द ही उनके परिजनों के पास दोनों को भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
कुंडली आंदोलन स्थल पर लावारिस हालत में मिला था रमेश
बाल संरक्षण अधिकारी आरती बताती हैं कि दिसंबर 2020 में कुंडली किसान आंदोलन स्थल पर 14 वर्षीय रमेश लावारिस हालत में मिला था, जिसे सपना बाल कुंज भेज दिया गया। इसकी जानकारी उनके पास आई तो उसके अभिभावकों की तलाश शुरू हुई। रमेश से बातचीत में पता लगा कि वह नेपाल का रहने वाला है। उसने बताया कि उसकी सौतेली मां ने उसे नेपाल से शिमला की बस में बैठाकर यहां भेज दिया था। शिमला में उसे बस से उतार दिया गया। वहां पेट पालने के लिए उसने नमकीन बनाने वाली फैक्टरी में काम किया। बाद में जब उसे अपने पिता व भाई की याद सताने लगी, जिनसे मिलने की चाहत में वह शिमला से 19 दिसंबर, 2020 को किसान आंदोलनकारियों की बस से कुंडली बॉर्डर पर पहुंचा। यहां से उसे सपना बाल कुंज में भेज दिया गया। इतना पता लगते ही आरती ने नेपाल दूतावास तथा क्राइम ब्रांच पंचकूला व एक एनजीओ से संपर्क किया। क्राइम ब्रांच के राजेश की मदद से रमेश के परिजनों की सटीक जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने परिजनों से संपर्क किया। अब उसे नेपाल भेजा जाएगा।
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परिजनों से बहस के बाद घर छोड़कर गुजरात से आ गया था अनुज
आरती बताती हैं कि इसी तरह गुजरात का अनुज परिजनों से बहस के चलते घर छोड़कर निकल लिया और रास्ता भटककर 9 फरवरी 2017 को मुंडलाना (गोहाना) पहुंच गया। तब से ही अनुज के अभिभावकों की खोज की जा रही थी। अब उसके परिजनों का पता लग सका है। आरती के अनुसार दोनों के अभिभावकों को खोजने में सपना बाल कुंज की संचालिका सोनिया तथा डीसीपीओ कार्यालय की उपासना ने पूरा साथ दिया। दोनों के कागजात को सत्यापित करवाने के बाद सीडब्ल्यूसी के माध्यम से अभिभावकों के सुपुर्द किया जाएगा।
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