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Sonipat News: बुखार के ज्यादा मरीज मिलने पर शुरू होगी विशेष ओपीडी, संदिग्ध मरीजों के नमूने भेजे जाएंगे

Wed, 24 Apr 2024 10:10 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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सोनीपत। शहर से लेकर गांव तक मच्छरों का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। मच्छर के डंक से आम लोग परेशान हैं। इससे मलेरिया की आशंका बढ़ सकती है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग विश्व मलेरिया दिवस पर लोगों को जागरूक करने जा रहा है। वीरवार से विभाग की 170 टीमें स्कूल व अन्य शिक्षण संस्थानों में जाकर बच्चों को मच्छरों से बचाव के लिए जागरूक करेगी। साथ ही यह टीमें घर-घर जाकर पानी में लार्वा चेक करने का अभियान और तेज करेंगी। विभाग ने निर्णय लिया है कि जिन क्षेत्र में बुखार के ज्यादा मरीज मिलेंगे, वहां पर विशेष ओपीडी लगाई जाएगी। बुखार के मरीजों के रक्त के नमूने लेते हुए जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजे जाएंगे।
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स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू व मलेरिया पर अंकुश लगाने के लिए रैपिड फीवर सर्वे शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग की 170 टीम फील्ड में काम कर रही है। विभाग की ओर से सर्वे के तहत एंटी लार्वा एक्टिविटी अक्तूबर तक चलाई जाएगी। जिले में वर्ष 2023 साल 13 मलेरिया के मरीज मिले थे। अबके बार राहत की खबर यह है कि जिले में मलेरिया का कोई मरीज नहीं मिला है। विभाग की ओर से लगातार मरीजों के रक्त की स्लाइड बनाकर प्रयोगशाला में भेजी जा रही है। लोगों को पानी की टंकियां साफ करते रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है। जिससे समय रहते मलेरिया व डेंगू से लोगों को बचाया जा सके। फॉगिंग कराने के लिए पंचायत विभाग व स्थानीय निकाय विभाग के पास 189 मशीनें है।

मच्छरों से बचाव के तरीके

-सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें।

-घर व आसपास पानी को एकत्र न होने दें।
-शरीर को पूरा ढकने वाले कपड़े पहनें।

-बुखार आने पर तुरंत जांच कराएं।

मलेरिया बुखार के लक्षण-

-तेज बुखार आना।

-पसीना आना।

-शरीर में दर्द और उल्टी आना।

कब कितने मरीज मिले
वर्ष मरीज
2018 8
2019 7
2020 1
2021 2
2022 4
2023 13
2024 00 (जनवरी से अब तक)

पिछले साल मिले थे सबसे ज्यादा मरीज, अब चौकसी बढ़ाई
जिले में वर्ष 2023 में सबसे ज्यादा मलेरिया के 13 मरीज मिले थे। इनमें यमुना खादर के 10 मरीज भी शामिल थे। इस बार विभाग की ओर से लोगों को मलेरिया से बचाव के लिए चौकसी बढ़ाई गई है। विभाग की ओर से घर-घर जाकर लोगों को मलेरिया व डेंगू से बचाव के लिए जागरूक किया जाने लगा है। तालाबों में गंबूजिया मछली छोड़ी जा रही हैं। टीमें घरों में दस्तक देकर लोगों को मच्छर जनित रोगों के प्रति जागरूक भी कर रही हैं। मच्छर का लार्वा पाए जाने पर उसे नष्ट किया जा रहा है।
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वर्जन
इस बार जिले में अभी तक मलेरिया का कोई केस नहीं मिला है। लोगों को मलेरिया से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। बुखार के ज्यादा मरीज मिलने पर उस क्षेत्र में विशेष ओपीडी लगाई जाएगी।
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- डॉ. अनविता कौशिक, जिला मलेरिया अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग
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