सोनीपत। दूध हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है। यही वजह है कि चिकित्सक बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को दूध पीने की सलाह देते हैं। कैल्शियम से भरपूर दूध शरीर के संपूर्ण विकास के लिए काफी जरूरी होता है। हालांकि दूध व इससे बनने वाले खाद्य पदार्थों का कारोबार करने वाले लोग इसमें मिलावट कर लोगों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो खाद्य सुरक्षा विभाग ने साल भर में जिले से दूध व इससे बने खाद्य पदार्थों के 51 नमूने लिए, जिसमें से 27 फेल मिले हैं।
दूध के महत्व को ध्यान में रखते हुए हर साल 1 जून को विश्व दुग्ध दिवस मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य डेयरी उद्योग से जुड़ी गतिविधियों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। इस स्वास्थ्यवर्धक पेय में मिलावट कर लोग मोटा मुनाफा कमाने से बाज नहीं आ रहे। हालांकि खाद्य सुरक्षा विभाग दूध या इससे बने खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलाता है और नमूने लेकर जांच के लिए लैब में भिजवाए जाते हैं। नमूने फेल पाए जाने पर जुर्माना किया जाता है।
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. बिरेंद्र यादव ने बताया कि दूध या इससे बने खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ समय-समय पर जांच अभियान चलाया जाता है। अप्रैल 2023 से 31 मार्च तक जिले में विभिन्न स्थानों से दूध व इससे बने खाद्य पदार्थों के 51 नमूने लेकर जांच के लिए लैब में भिजवाए। इसमें से 27 नमूने फेल लिए हैं। जिनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इनके अलावा 27 मामले अतिरिक्त उपायुक्त कोर्ट में लंबित चल रहे हैं। जबकि 28 मामले में नमूने फेल मिलने पर 6.31 लाख रुपये का जुर्माना किया गया है।
इंसेट
जिले में करीब 1.51 हैं दुधारू पशु
पशुपालन विभाग की मानें तो जिले में कुल 3 लाख 36 हजार 756 पशु हैं। इसमें 1 लाख 4 हजार 884 गाय, 2 लाख 24 हजार 876 भैंस और 6 हजार 996 बकरियां हैं। इनमें 1 लाख 51 हजार 810 पशु ही दुधारू हैं। जिनमें 47 हजार 197 गाय, 1 लाख 1 हजार 194 भैंस व 3 हजार 419 बकरी शामिल हैं।