मुरथल-ताजपुर रोड पर 25 एकड़ में ऐसा हर्बल पार्क बनने वाला है, जहां ऋषि-मुनियों के काल और भारतीय संस्कृति की झलक दिखाई देगी। इतना ही नहीं यहां लोगों को स्वस्थ रखने के लिए भी उस पार्क में पूरी व्यवस्था रहेगी। 125 एकड़ में बनने वाले सिटी फॉरेस्ट में जहां 100 एकड़ में तरह-तरह के पेड़ लगाए जाएंगे, वहीं 25 एकड़ में इस पार्क को बनाने की पूरी तैयारी हो चुकी है। इसको वास्तुकला को ध्यान में रखते हुए बनाया जा रहा है और इस पार्क को स्वास्तिक का आधार देकर बनाया जाएगा। इसके लिए दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी के आर्किटेक्ट विभाग के प्रो. विजय शर्मा ने डिजाइन तैयार किया गया है, जिसे शासन से मंजूरी मिल गई है। अब जल्द ही इस पर काम शुरू कराने की तैयारी है।
मेन गेट पर दोनों ओर पार्किंग
केंद्र सरकार की ओर से सोनीपत में सिटी फॉरेस्ट पार्क बनाने की घोषणा की गई, जिसमें तरह-तरह के पेड़ लगाए जाने हैं। इसमें जहां 100 एकड़ में पेड़ लगाए जाएंगे, वहीं 25 एकड़ में हर्बल पार्क बनाने का प्लान तैयार किया गया है। उस हर्बल पार्क के लिए जिस डिजाइन को तैयार किया गया है उसमें भारतीय संस्कृति के साथ ही प्राचीन काल का भी ध्यान रखा गया है। वहां पार्क के मेन गेट पर दोनों ओर वाहनों की पार्किंग होगी तो पार्क में अंदर जाते ही स्वास्तिक की झलक दिखाई देगी, क्योंकि पार्क के चारों ओर बनाया जाने वाला ट्रैक गोलाकार में होगा और अंदर वाला ट्रैक स्वास्तिक के डिजाइन का होगा। उसके बीच ही योग क्रिया दर्शाते हुए पत्थर लगाए जाएंगे जो पार्क में जगह-जगह दिखाई देंगे। पार्क में पांच फव्वारे होंगे, जिनके पानी से अलग-अलग फूल की खुशबू आएगी। पार्क में कई जगह बैठने की व्यवस्था होगी तो बच्चों के खेलने के लिए भी एक जगह रखी गई है। पार्क में एक हर्बल गार्डन होगा, जिसके पास ही योग व ध्यान स्थल होगा। इनके अलावा फलों का गार्डन व मेडिसनल प्लांट गार्डन भी बनाया जाएगा। इनमें वे सभी पौधे लगाए जाएंगे जो यहां आसपास नहीं मिलते हैं। इस तरह के डिजाइन को वन विभाग की मंजूरी मिल गई है और शासन से भी उसे फाइनल कर दिया गया है।
फल, फूल व हर्बल गार्डन की दी जाएगी जानकारी
हर्बल पार्क में फल, फूल व हर्बल गार्डन बनाने का उद्देश्य लोगों को जागरूक करना होगा कि वह किस तरह से इनके गार्डन बना सकते हैं और उसका फायदा उठा सकते हैं। इसलिए यह पार्क हर बात को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है कि यह घूमने के लिए ही ना रहे, बल्कि इसका स्वास्थ्य लाभ लेने के साथ ही वहां से काफी जानकारी भी लोगों को दी जा सके।
सिटी फॉरेस्ट के साथ ही हर्बल पार्क बनाए जाने की योजना है, जिसके लिए डिजाइन तैयार करके विभाग को सौंप दिया है। उसको वास्तु व स्वास्तिक के आधार पर बनाया गया है। हर्बल पार्क में योग व ध्यान स्थल के साथ अन्य भी काफी सुविधाएं मिलेगी।
-प्रो. विजय शर्मा, दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी
यूनिवर्सिटी का आर्किटेक्ट विभाग कई प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है और यह विकास के कार्यों में सभी प्रशासनिक विभागों का सहयोग भी कर रहा है। जिन मॉडल स्कूल को बनाया गया है, उनका डिजाइन भी यूनिवर्सिटी के आर्किटेक्ट विभाग ने तैयार किया था।
-प्रो. टंकेश्वर कुमार, वीसी, दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी