यूपी से राजस्थान तक जल्द ही वाहन फर्राटा भरते हुए दिखाई देंगे क्योंकि यूपीए सरकार में घोषित नेशनल हाईवे-334 बी को अब फोरलेन बनाने की तैैयारी कर दी गई है। यह फोरलेन यूपी बॉर्डर से राजस्थान बॉर्डर तक तैयार किया जाएगा, जिसमें सोनीपत, रोहतक, झज्जर आदि जिले जुड़ेंगे। इसके लिए विभिन्न जिलों की जमीन का अधिग्रहण होगा। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने फोरलेन बनाने के लिए हरी झंडी दिखाते हुए अधिकारियों को डीपीआर बनाने का काम सौंपा है, जिसको शुरू कर दिया गया है।
यूपी के मेरठ, बागपत से होकर आने वाली सड़क सोनीपत, रोहतक, झज्जर होते हुए लोहारू में राजस्थान बॉर्डर तक मिलती है, जिसको यूपीए सरकार में नेशनल हाईवे घोषित किया गया था जो लोहारू पर जाकर सीधे एनएच-709 से जुड़ा है। इसको नेशनल हाईवे भले ही घोषित कर दिया गया था, लेकिन इसके फोरलेन का मामला अटका हुआ था। अब इसके फोरलेन बनने का रास्ता साफ हो गया है और इसे केंद्र की मंजूरी मिल गई है, जिसके लिए डीपीआर भी तैयार करनी शुरू कर दी गई है और इसकी डीपीआर तैयार करने के बाद फोरलेन बनने में शायद ही ज्यादा समय लगे।
पीडब्ल्यूडी झज्जर ने लगाया था डीपीआर का टेंडर
एनएचएआई के अधिकारियों की मुताबिक यूपी बॉर्डर से झज्जर तक फोरलेन बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी झज्जर ने डीपीआर बनाने के लिए करीब डेढ़ करोड़ का टेंडर लगाया था। उसके बाद 24 नबंवर 2016 को पीडब्ल्यूडी ने इस मार्ग को एनएचएआई के हवाले का दिया। पिछले माह फरवरी में एनएचएआई को टेंडर की फाइल पीडब्ल्यूडी से मिली है। अब एनएचएआई ने डीपीआर तैयार करने का काम शुरू कर दिया है।
सड़क के दोनों ओर की जमीन का होगा अधिग्रहण
वर्तमान में नेशनल हाईवे-334बी टू लेन है। इसको फोरलेन बनवाने के लिए एनएचएआई को अगले छह माह में डीपीआर को तैयार करना होगा। इसकी डीपीआर तैयार करने के बाद पहले सड़क के दोनों ओर की जमीन को अधिग्रहण किया जाएगा, क्योंकि फोरलेन बनाने के लिए जमीन की जरूरत होगी। इसके लिए भी पूरा डाटा जुटाया जा रहा है और यह भी देखा जा रहा है कि सड़क किनारे जिनके खेत हैं उन्होंने सड़क की जमीन पर तो कब्जा नहीं किया हुआ है, जिससे उसे भी मुक्त कराया जा सके और फोरलेन के लिए जरूरी जमीन का अधिग्रहण किया जा सके।
सोनीपत, रोहतक, झज्जर जिलों के इन गांवों की जमीन का होगा अधिग्रहण
यूपी बॉर्डर से गढ़ मिरकपुर, पलड़ी कलां, पलड़ा, पलड़ी खुर्द, खेवड़ा, बहालगढ़, लिवासपुर, जाटजोशी, फाजिलपुर, सोनीपत, लहराड़ा, बैंयापुर, हरसाना कलां, रोहट, कंवाली, झरोठी, झरोठ, आनंदपुर, खरखौदा, रोहणा, हसनगढ़, भैंसरू खुर्द, भैंसरू कलां, नयाबांस, सांपला, गढ़ी सांपला, आसंडा, भापड़ौदा, झज्जर एनएच 334-बी के साथ लगते हैं। इन गांवों की हजारों एकड़ जमीन का अधिग्रहण कर फोरलेन बनाने का काम शुरू होगा।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से एनएच-334बी की मंजूरी मिलने के बाद फोरलेन बनाने की डीपीआर पर काम शुरू कर दिया है। अगले छह माह में डीपीआर को तैयार कर लिया जाएगा।
-आनंद दहिया, मैनेजर एनएचएआई