रेलवे जंक्शन पर पेट भर खाओ सब्जी-पूड़ी, पेटीएम से करो पेमेंट
जिले को कैशलेस और स्मार्ट बनाने के लिए प्रशासन पूरी मेहनत कर रहा है। जिस तरह प्रशासन द्वारा शहर को स्मार्ट बनाया जा रहा है उसी तरह अब रेहड़ी संचालक अपने आप को स्मार्ट बनाने पर लग गए हैं। ऐसा ही एक रेहड़ी संचालक शहर के रेलवे जंक्शन पर सब्जी-पूड़ी बेचता है। रेहड़ी पर पेटीएम का बोर्ड देख लोग पलभर के लिए चौक जाते हैं, लेकिन ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा होने से इसका अधिक से अधिक लाभ उठा रहे हैं। जंक्शन पर पेटीएम की सुविधा होने के कारण रेहड़ी संचालक चर्चा का विषय बना हुआ है।
नोटबंदी के बाद लोगों को हर क्षेत्र में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि बैंकों व एटीएम में लोगों को नियमित कैश नहीं मिल रहा है। कैश न मिलने के कारण लोगों का खर्चा तो कम हो ही गया है, साथ में पैसे न होने के कारण जेब भी खाली हो गई है। लोगों को इस परेशानी से छुटकारा दिलाने के लिए सरकार व प्रशासन विभागों को कैशलेस बनाने में लगे हुए हैं। इसके लिए प्रशासन द्वारा हर रोज छोटे दुकानदार से लेकर व्यापारियों व अधिकारियों को कैशलेस का प्रशिक्षण दे रहा है। सरकार का मुख्य उद्देश्य लोगों को पूरी तरह से स्मार्ट बनाना है। सरकार की इस कैशलेस प्रणाली को रेहड़ी संचालकों ने भी अपना शुरू कर दिया है। शहर के रेलवे जंक्शन पर सब्जी-पूड़ी की एक रेहड़ी संचालक ने अपनी रेहड़ी पर पेटीएम सुविधा चालू कर दी है। रेहड़ी संचालक का नाम मोहम्मद शौकत अली है और वह पिछले कई सालों से रेलवे स्टेशन पर रेहड़ी लगाता है। उसका कहना है कि पेटीएम से लोगों को पेट भर सब्जी-पूड़ी भी खाने को मिल जाएगी और कैश भी नहीं
देना पड़ेगा।
16 हजार दुकानदारों ने अपनाया पेटीएम
जानकारी के अनुसार प्रशासन द्वारा कैशलेस प्रणाली को लागू करने के लिए पूरे जिले का सर्वे करवाया गया था। सर्वे में जिले में 88 हजार दुकानें पाई गईं। कैशलेस प्रणाली को दुकानों पर अपनाने के लिए प्रशासन द्वारा कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई है। जिले में अब तक 16 हजार दुकानदारों ने पेटीएम प्रणाली अपनाई है, जिसमें से कुछ ठेला व रेहड़ी संचालक भी शामिल हैं।
मनीषा ने बनवाया जिले में पहला आॅनलाइन डीएल
अब ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए न तो कोर्ट कचहरी के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और न ही दलाल से संपर्क साधना पड़ेगा। सोनीपत एसडीएम कार्यालय की ओर से सोनीपत शहर की गीता भवन, कृष्णपुरा निवासी मनीषा चौधरी को जिले का पहला ऑनलाइन ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया गया।
एक दिन में जारी होने वाला यह लाइसेंस एसडीएम कार्यालय की ओर से चार दिन में जारी किया गया। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की साइट पर जाकर डीएल के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरा जा सकता है। नौ नवंबर से केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से आम पब्लिक के लिए डीएल बनवाने के लिए साइट www.parivahan.gov.in शुरू की गई है। मनीषा चौधरी ने लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए अपने घर पर सबसे पहले ऑनलाइन फार्म भरा। फार्म भरने के लिए एप्लीकेशन नंबर मनीषा चौधरी के फोन पर जारी होने के बाद वह एसडीएम कार्यालय पर पहुंचीं, जहां पर उसने लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए लाइसेंस फीस 410 रुपये अदा की और 115 रुपये स्लॉट टेस्ट के लिए जमा कराए। उसके बाद फोटो लिया गया, जिसके बाद स्लॉट टेस्ट दिया। जिसमें 60 प्रतिशत अंक लेने जरूरी होते हैं। उसके बाद नौ दिसंबर की बजाय 13 दिसंबर एसडीएम की ओर से ऑनलाइन डीएल जारी
किया गया।