पंजाब से अलग होकर 1 नवंबर, 1966 को हरियाणा प्रदेश अस्तित्व में आया था। प्रदेश में 56 साल में बहुत कुछ बदल गया है तो सोनीपत भी विकास के क्षितिज की तरफ लगातार अग्रसर है। हरियाणा प्रदेश बनने के छह साल बाद यानि 1972 में सोनीपत को जिला बनाया गया था। जिसके बाद से सोनीपत ने नित नई बुलंदियों को छुआ है। एनसीआर का हिस्सा सोनीपत जहां शिक्षा का हब बना वहीं खेलों में जिले के खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय फलक पर अपनी पहचान बनाकर विदेशों में झंडे गाड़ दिए। उद्योग से लेकर विकास तक सब कुछ शिखर की तरफ बढ़ रहा है। छह औद्योगिक क्षेत्र बसाए जा चुके हैं।
दिल्ली से सटा सोनीपत 2260 स्क्वायर किमी क्षेत्रफल में है। लजीज खानों के लिए मुरथल के ढाबों व होटलों की देशभर में अलग ही पहचान है। मुरथल के पराठे खाने के लिए अन्य प्रदेशों तक से लोग परिवार के साथ आते हैं। प्रदेश बनने के बाद से यहां की आबादी में तीन गुणा से अधिक बढ़ोतरी हो चुकी है। वर्ष 1966 में जिले की आबादी करीब 5 लाख थी। जिसके मुकाबले अब 17 लाख से अधिक हो चुकी है। आबादी बढऩे के साथ ही शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में भी सोनीपत विकास की तरफ बढ़ता चला गया। सोनीपत देश की राजधानी दिल्ली के सटा होने के कारण भी यहां विकास का पहिया तेजी से घूमा है। देश की राजधानी में वाहनों की संख्या कम करने के लिए केएमपी व केजीपी का निर्माण किया गया है। दोनों ही सोनीपत से शुरू होते है। सड़कों के जाल के कारण विकास को नई दिशा मिली है।
खेल के बलबूते अंतरराष्ट्रीय फलक पर चमका
जहां भी खेलों का जिक्र आता है वहां पर सोनीपत का नाम जरूर आ जाता है। सोनीपत में खेलों की सुविधाओं में भी इजाफा हुआ है। भारतीय खेल प्राधिकरण का उत्तरी क्षेत्रीय केंद्र (साई) सोनीपत के बहालगढ़ में है। इसे वर्ष 2005 में बनाया गया था। वहीं प्रदेश का एकमात्र मोतीलाल नेहरू खेलकूद स्कूल सोनीपत में 1973 में बनाया गया था। जिले के खिलाड़ियों ने ओलंपिक तक में अपना परचम लहराया है। जिले में ओलंपिक मेडलिस्ट योगेश्वर दत्त, पहलवान रवि दहिया, बजरंग पूनिया, हॉकी खिलाड़ी सुमित कुमार, पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता सुमित आंतिल, पैरालंपिक रजत पदक विजेता दीपा मलिक, निशानेबाज मनीष नरवाल, हॉकी खिलाड़ी प्रीतम सिवाच से शुरू हुआ सफर अब नेहा गोयल, मोनिका दहिया, ज्योति, निशा वारसी तक जारी है। पैरालंपियन अमित सरोहा, सुधीर लाठ, ओलंपियन सीमा आंतिल, कबड्डी खिलाड़ी प्रदीप नरवाल, विश्व चैंपियन शूटर अंकुर मित्तल, शूटर दीपक शर्मा, भारतीय हॉकी खिलाड़ी विकास, पहलवान रमेश गुलिया, कॉमनवेल्थ के स्वर्ण पदक विजेता विनोद, अनिल खत्री, संजय, राजबीर खत्री, मौसम खत्री, पहलवान सरिता मोर आदि है।
नौ विवि बने तो साढ़े 12 सौ स्कूल चल रहे
जिले में 1966 में जिस समय आबादी केवल 5 लाख होती थी, उस समय साक्षरता दर करीब 31 प्रतिशत थी। लेकिन लोगों को समय के साथ शिक्षा के महत्व का पता चला और अब जिले में साक्षरता प्रतिशत 82 तक पर पहुंच गया है। अब जिले में 1250 स्कूल है, जिनमें प्राइवेट व सरकारी दोनों शामिल है और यह शिक्षा विभाग के आंकड़ों में दर्ज है। वहीं उच्चतर शिक्षा के लिए 9 यूनिवर्सिटी खोली गई है, जिनमें दीनबंधु छोटूराम, भगत फूल सिंह व निफ्टम, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, स्पोर्ट्स विवि तथा चार यूनिवर्सिटी निजी है। इनके अलावा छह सरकारी कॉलेज, 15 संस्था के कॉलेज और कई निजी कॉलेज उच्चतर शिक्षा के लिए इस समय चल रहे हैं।
उद्योगों व हाईवे से अलग पहचान
6 औद्योगिक क्षेत्र में 10 हजार से ज्यादा फैक्टरी जिले में 5 औद्योगिक क्षेत्र हैं। जिनमें सोनीपत, बड़ी, मुरथल, राई, खरखौदा व कुंडली शामिल है। जिले में विकास तेजी से हुआ है। देश की राजधानी से वाहनों का भार कम करने के लिए कुंडली-पलवल मानेसर एक्सप्रेस-वे और कुंडली-गाजियाबाद-पलवल पेरिफेरल-वे एक्सप्रेस वे की शुरुआत की गई है, वह सोनीपत से शुरू हुए है। इसके अलावा नेशनल हाईवे से होते हुए दिल्ली की दूरी चंद मिनटों की रहती है। इसके अलावा भी कई नेशनल हाईवे बनाए गए है। जिसके चलते कई रियल एस्टेट कंपनियां सोनीपत में निर्माण कर चुकी है। यहीं कारण है कि नेशनल हाईवे-44 पर 15 से ज्यादा रेजिडेंशियल कॉलोनियां बसाई गई, जिससे नया सोनीपत अब नेशनल हाईवे पर बसता जा रहा है। खरखौदा के पास आईएमटी का निर्माण किया जा रहा है। जिला नगर योजनाकार विभाग के नए प्लान के अनुसार खरखौदा में रिहायशी सेक्टर व औद्योगिक सेक्टर को बढ़ावा दिया जाएगा। वहीं जिले को अब रेल कोच नवीनीकरण कारखाना चालू हो गया है। नेशनल हाईवे 44 के चौड़ीकरण का काम पूरा अंतिम चरण में है।
जिले में विकास परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है। रेल कोच नवीनीकरण कारखाना चालू हो गया है। अंतरराष्ट्रीय फल-फूल और सब्जी मंडी तथा नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण की सौगात जल्द मिलेगी। साथ ही नेशनल हाईवे 334बी पर काम जारी है। आईएमटी खरखौदा के निर्माण को गति मिल चुकी है। मारुति व सुजुकी ने अपने प्लांट लगाने शुरू कर दिए हैं। जल्द नगर निगम को अपना कार्यालय मिल जाएगा। -ललित सिवाच, डीसी सोनीपत