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नौ डिग्री में बेघरों को छत की तलाश, रैन बसेरे पर लटका रहा ताला

Sun, 25 Dec 2016 11:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, सोनीपत।
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- रैन बसेरे के मुख्य गेट पर लटका हुआ ताला - फोटो : sonipat
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इस सीजन में रविवार का दिन अब तक का सबसे ठंडा दिन रहा, जहां पारा नौ डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। पूरा दिन जहां सूर्य देव के दर्शन नहीं हुए, वहीं कोहरे व धुंध के चलते जन जीवन अस्तव्यस्त दिखाई दिया। बेघर जहां ठंड में ठिठुरता नजर आए, वहीं 45 लाख की लागत से तैयार किए गए रैन बसेरे पर ताला लटका मिला। नगर निगम के अधिकारियों ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि रैन बसेरा चलाने के लिए सामाजिक संस्था आगे नहीं आ रही हैं।
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कोहरे ने जहां सड़क मार्ग पर वाहनों के पहिए थामे रखे, वहीं रेल यातायात पर भी इसका बुरा असर पड़ा। ठंड से जहां गेहूं उत्पादक किसानों में खुशी है वहीं, सब्जी उत्पादक किसानों को नुकसान का अंदेशा सताने लगा है। चिकित्सकों ने भी इस मौसम में बचाव रखने की हिदायत दी है।
दिन चढ़ने के साथ बढ़ी ठंड
रविवार को जब लोग सोकर उठे तो वातावरण में नाममात्र का कोहरा था, लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही मौसम में परिवर्तन शुरू हो गया। सुबह सात बजे अचानक शीतलहर चलने लगी। वातावरण में कोहरे की चादर बिछती चली गई। कोहरे से सड़क व रेल यातायात भी प्रभावित हो गया। क्रिसमस पर कड़ाके की ठंड से जनजीवन भी बुरी तरह से प्रभावित रहा। छुट्टी का दिन होने के चलते लोग अपने घरों में ही दुबके रहे। ठंड में सबसे अधिक दिक्कत बुजुर्गों और छोटे बच्चों को झेलने पड़ी। ठंड से बचने के लिए लोग जगह-जगह अलाव जलाकर शरीर को तापते नजर आए। सड़कों पर लोगों का आवागमन काफी कम नजर आया।
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ठंड में छत की तलाश
शीतलहर के बावजूद जिले के एकमात्र रैन बसेरे पर ताला लटका हुआ मिला। बेघर लोगों के लिए सर्द रात में आसमां को छत और सड़क को बिस्तर बनाकर रात गुजारना कठिन हो गया है। रात के समय बेघर लोग रेलवे स्टेशन या बस स्टैंड जैसी जगहों पर जाकर सिर छिपा रहे हैं। बेशक छह दिसंबर को डॉ. अंबेडकर की पुण्यतिथि पर शनि मंदिर के सामने नगर निगम द्वारा 45 लाख रुपये की लागत से तैयार 50 महिला-पुरुषों की क्षमता वाले रैन बसेरे का लोकार्पण किया गया था, लेकिन वहां पर ताला लटका होने से वह बेघरों के लिए राहत नहीं दे पा रहा है। अधिकारी अभी रैन बसेरे को संचालित करने के लिए सामाजिक संस्था तक तलाश नहीं पाए हैं।
तापमान में आई गिरावट
कोहरे के साथ-साथ शीतलहर चलने से रविवार को तापमान में खासी गिरावट दर्ज की गई। सूर्यदेव के दिनभर दर्शन नहीं होने से न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं, अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार अगले कुछ दिनों तक कड़ाके की ठंड जारी रहेगी।
कोहरे ने रोकी वाहनों की रफ्तार
दिनभर कोहरा छाए रहने के कारण वाहन चालकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह वातावरण में आर्द्रता 73 रही और कोहरे में दृश्यता लगातार कम होती चली गई। सुबह ही दृश्यता 50 मीटर तक पहुंच गई थी, जिसके चलते सड़क यातायात बुरी तरह से प्रभावित रहा।  इतना ही नहीं कोहरे के चलते मुरथल दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के सामने एक ट्रक भी पलट गया। गनीमत रही कि चालक चोटिल नहीं हुआ। इस दुर्घटना में सड़क के बीच बने डिवाइडर को भी क्षतिग्रस्त हो गया।
सर्दी में बुजुर्गों और बच्चों का रखें ध्यान
सर्दी में सबसे अधिक परेशानी बच्चों व बुजुर्गों को हो सकती हैै। सिविल सर्जन डॉ. जसवंत सिंह पूनिया ने कहा कि बच्चों व बुजुर्गों का इस मौैसम में विशेष ध्यान रखना चाहिए। इस मौसम में उनको घर से बाहर नहीं रहना चाहिए। गर्म कपड़े पहनने चाहिए। बच्चों को पूरी तरह से गर्म कपड़ों से ढककर रखें। गर्म खाद्य पदार्थों का अधिक से अधिक प्रयोग करना चाहिए। सांस के मरीजों को ठंड में सबसे अधिक परेशानी हो सकती है। उन्हें विशेष एहतियात बरतनी चाहिए।
गेहूं उत्पादक किसानों के खिले चेहरे
सर्दी बढ़ने के साथ ही गेहूं उत्पादक किसानों के चेहरे खिल गए हैं। गेहूं की बिजाई के बाद बेहतर फुटाव के लिए सर्दी का अधिक होना आवश्यक है। वहीं, सब्जी की फसल के लिए अधिक सर्दी परेशानी का सबब बन सकती है। कृषि विकास अधिकारी डॉ. देवेंद्र कुहाड़ ने बताया कि जिले में एक लाख 35 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बिजाई की गई है। इसके लिए सर्दी फायदेमंद है। इससे गेहूं का उत्पादन अधिक होगा। उन्होंने कहा कि अभी सब्जी की फसल को नुकसान नहीं है। हालांकि यह मौसम ज्यादा दिन तक बने रहने से आलू, मटर, टमाटर की फसल प्रभावित हो सकती है।
कोहरे में ट्रेनों का परिचालन भी प्रभावित
कोहरे के चलते रविवार को ट्रेनों को परिचालन भी गड़बड़ा गया। ट्रेन अपने निर्धारित समय से घंटों देरी से चल रही थी। ट्रेनों की रफ्तार कम होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सवारी गाड़ी के साथ मेल व एक्सप्रेस ट्रेन भी देरी से चल रही थी।
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गाड़ी संख्या    गाड़ी का नाम    देरी
अंबाला की ओर जाने वाली गाड़ियां
15707    आम्रपाली एक्सप्रेस    5 घंटे
11057    दादर एक्सप्रेस    1.30 घंटे
12919    मालवा एक्सप्रेस    2.30 घंटे
12925    पश्चिम एक्सप्रेस    30 मिनट
14731    बठिंडा एक्सप्रेस    1 घंटा
दिल्ली की ओर जाने वाली गाड़ियां
11078    झेलम एक्सप्रेस    35 मिनट
14732    बठिंडा एक्सप्रेस    3.30 घंटे
12459    सुपर एक्सप्रेस    1 घंटा
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