सोनीपत। जिले में सभी छह विधानसभा सीटों पर सोमवार को 65.13 प्रतिशत मतदान हुआ। जिसके बाद सभी प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में कैद हो गया है। विधानसभा सीट पर शुरूआत में बूथों पर लाइन भले ही लंबी लग गई थी, लेकिन कई जगह मतदान देरी से शुरू होने के कारण ज्यादा लोग वोट नहीं डाल सके। जिस तरह से समय बढ़ता गया, उसी तेजी से मतदान प्रतिशत जरूर बढ़ता गया। जितने बूथों की देर रात तक रिपोर्ट जमा हुई थी, उनके आधार मतदान प्रतिशत 65.13 प्रतिशत रहा। इसके बावजूद वर्ष 2014 में हुए 73.8 प्रतिशत मतदान को देखते हुए इस बार पिछड़ गए।
विधानसभा चुनाव के लिए मतदान सेे पहले सोमवार सुबह मॉकपोल कराया गया। बूथों पर सुबह 7 बजे से पहले ही लोग वोट डालने के लिए लाइन में लग गए थे। जिन बूथों पर ईवीएम मशीन नहीं चल सकी, वहां लोगों को घंटों लाइन में खड़े होकर परेशानी का सामना करना पड़ा। इस तरह शुरूआत में 9 बजे तक मतदान प्रतिशत केवल 8.9 प्रतिशत तक ही रहा। हालांकि उसके बाद स्थिति में सुधार होता गया और मतदान प्रतिशत सोमवार देर रात तक 65.13 प्रतिशत तक पहुंच गया। अधिकारियों के अनुसार कई बूथों की रिपोर्ट नहीं मिल सकी है, जिनके मिलने पर मतदान प्रतिशत में कुछ बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं मतदान के बाद सभी बूथों से ईवीएम मशीनों को मोहाना के बीट्स कालेज में बने स्ट्रांग रूम में रखवाया गया है और वहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रखी गई है।
सोनीपत के 1213 बूथों पर हुआ मतदान
सोनीपत जिले की सभी छह विधानसभा सीटों पर 1213 बूथ बनाए गए थे। इनमें सोनीपत विधानसभा के 183 बूथ, खरखौदा के 188 बूथ, गन्नौर के 219 बूथ, राई के 195 बूथ, गोहाना के 205 बूथ, बरोदा के 223 बूथों पर मतदान हुआ। सोनीपत व गोहाना विधानसभा के कई बूथों पर ज्यादा लाइन दिखाई दी और लोग वोट डालने के लिए घरों से निकलकर आए। हालांकि यह लाइनें दोपहर तक ही रही और उसके बाद स्थिति सामान्य होती चली गई।
कंट्रोल रूम से अधिकारियों की रही नजर
मतदान के दौरान जिले के सभी बूथों पर नजर रखने के लिए लघु सचिवालय में नियंत्रण कक्ष बनाया गया था। जहां तकनीकी विशेषज्ञों की टीम पूरा दिन तैनात रही। इस दौरान 64 मतदान केंद्रों को सीधे वेबकास्ट के जरिए जोड़ा गया था। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी पूरी निगरानी रखी गई। सभी विधानसभा क्षेत्रों में बनाए गए नियंत्रण कक्षों से लघु सचिवालय में बनाए गए केंद्रीय नियंत्रण कक्ष को जोड़ा गया था। हर छोटी से छोटी सूचना मिलने पर तत्काल सेक्टर मजिस्ट्रेट व अन्य अधिकारियों को भेजा जा रहा था। ईवीएम में तकनीकी समस्याओं को भी सीधे नियंत्रण कक्ष से ही मॉनिटर किया गया।
प्रत्याशियों की धड़कनें बढ़ीं, 24 को फैसला
प्रत्याशी पिछले एक महीने से ज्यादा समय से दिन-रात मेहनत में लगे थे। हर कोई अपनी जीत के लिए भागदौड़ कर रहा था। जिले की सभी छह विधानसभा सीटों पर खूब खींचतान चल रही थी। सोनीपत व बरोदा सीट पर लोगों की सबसे ज्यादा नजर है। क्योंकि सोनीपत सीट पर प्रदेश सरकार की अकेली महिला मंत्री कविता जैन व कांग्रेस के सुरेंद्र पंवार में कड़ी टक्कर है तो बरोदा सीट पर ओलंपिक मेडलिस्ट योगेश्वर दत्त के मैदान में होने के कारण हर कोई परिणाम जानना चाहता है। अब मतदान होने के बाद प्रत्याशियों की धड़कनें ज्यादा बढ़ गई है और 24 अक्तूबर को फैसले का इंतजार शुरू हो गया है।
यूं बढ़ता गया मतदान
समय प्रतिशत
सुबह 7-9 8.9
सुबह 9-11 21.61
सुबह 11-दोपहर 1 28.18
दोपहर 1-3 43.11
दोपहर 3-शाम 5 54
शाम 5-6 65.13
सोनीपत जिले का मतदान प्रतिशत
वर्ष प्रतिशत
2019 65.13
2014 73.8
2009 65.51
विपना खत्री- फोटो : Sonipat
गन्नौर में मतदान के लिए कतार में लगी महिलाएं।- फोटो : Sonipat