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49 गांवों में व्यायामशाला बनाने को नहीं मिले ठेकेदार

Sat, 04 Feb 2017 12:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो सोनीपत।
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सीएम मनोहर लाल खट्टर एक तरफ गांवों में लोगों की सेहत सुधारने के साथ ही खिलाड़ियों को शारीरिक रूप से फिट रहने के लिए व्यायामशाला खोलना चाहते हैं, लेकिन दूसरी तरफ इन व्यायामशालाओं को बनाने के लिए ठेकेदार ही नहीं मिल रहे हैं। पंचायतीराज विभाग की ओर से 49 गांवों में व्यायामशाला बनाने के लिए टेंडर मांगे गए, लेकिन उनके लिए ठेकेदार ही नहीं मिल सके। किसी के लिए एक टेंडर आया तो किसी के लिए एक भी टेंडर नहीं आया। इसके चलते टेंडर नहीं छोड़े जा सके और अब दोबारा से टेंडर मांगे गए हैं। इसके चलते जिले के 49 गांवों में खुलने वाली व्यायामशालाओं के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। अब फिर से टेंडर मांगे गए हैं।
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किसी का 10 तो किसी का 31 लाख रखा बजट
प्रदेश के गांवों में खिलाड़ियों की फौज तैयार होती देखकर ही सीएम मनोहर लाल खट्टर ने गांवों में व्यायामशाला खोलने की योजना बनाई। इसके लिए एक साल पहले घोषणा की गई थी और यह योजना उसके बाद फाइलों में दब गई। एक महीने पहले ही इस पर काम शुरू किया गया और जिले के 49 गांवों में व्यायामशाला बनाने की तैयारी की गई। हर गांव में इन व्यायामशाला के लिए दो एकड़ जमीन को चिह्नित किया गया। इसके लिए गांव के अनुसार बजट रखा गया है और किसी गांव में 10 लाख का बजट रखा गया है तो किसी के लिए 31 लाख रुपये का बजट भी रखा गया। यह गांव की आबादी के अनुसार ध्यान में रखकर किया गया। इन व्यायामशालाओं में योग करने के लिए हॉल बनाने के साथ ही पार्क भी बनाया जाना है। व्यायामशाला के लिए पंचायत विभाग की ओर से टेंडर मांगे गए थे और उनको 10 जनवरी को खोला जाना था। यह टेंडर ऑनलाइन मांगे गए थे, जिसके लिए ठेकेदारों ने आवेदन ही नहीं किया। हालात यह रहे कि 29 गांवों में व्यायामशाला बनाने के लिए केवल एक-एक ठेकेदार ने आवेदन किया तो 20 गांवों के लिए एक भी ठेकेदार का आवेदन नहीं आया। इस कारण ही टेंडर प्रक्रिया को कैंसिल करके दोबारा से टेंडर मांगने पड़े, जिनको 15 फरवरी तक दोबारा खोला जाएगा।
इन गांवों में बननी है व्यायामशालाएं
भटगांव, चिताना, लुहारी टिब्बा, टिहर खुर्द, सांडल निवाना, गुहना, जांटी कलां, औरंगाबाद, नासीरपुर बांगर, जाखौली, मटंद, नासत, गामड़ी, बिढ़ाल, टिहर मलिक, आहुलाना, अगवानपुर, खुबरू, हुल्ला हेरी, सिवाली, वाजिदपुर सबौली, कटलूपुर, सफियाबाद, कुरा इब्राहिमपुर, ताजपुर, बखतारपुर, पिपली खेड़ा, बरौदा तुथान, बुसाना, महमूदपुर, धुराना, सिलाना, रोहट, रिधु, झरौठ, फतेहपुर, फरमाना, थाना कलां, निकलोई, कनवाली, बिढलान, मिर्जापुर, चिचराना, रूखी, महरा, रिवारा, बडी, बजाना, सितावली समेत 49 गांव शामिल हैं, जिनमें व्यायामशालाएं बननी हैं।
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इस तरह छूटेेंगे टेंडर
पंचायतीराज विभाग की ओर से व्यायामशाला के लिए ऑनलाइन टेंडर मांगे गए थे, जिसमें 29 के लिए एक-एक टेंडर आया जरूर, लेकिन वह भी नियम के अनुसार नहीं छोड़ा जा सकता था। इसका बड़ा कारण यह है कि कोई भी टेंडर मांगने पर केवल एक आवेदन आता है तो उसे पहली बार में नहीं छोड़ा जाएगा। उसके लिए दोबारा टेंडर मांगा जाएगा और फिर भी एक ही टेंडर आता है तो उसे छोड़ दिया जाएगा। वहीं 20 गांवों के लिए टेंडर ही नहीं आए और इस कारण ही व्यायामशाला बनवाने का मामला खटाई में पड़ गया।
इसलिए नहीं आते ठेकेदार
पंचायतीराज विभाग के सूत्रों की मानें तो ठेकेदारों के टेंडर नहीं डालने का सबसे बड़ा कारण पैसा नहीं मिलना है। ठेकेदार कोई काम कर देते हैं तो उनको पैसा लेने के लिए चक्कर कटाए जाते हैं और इस कारण ही वह कोई भी काम करने से पीछे हटते हैं।
व्यायामशाला 49 गांवों में बनाई जानी है, जिनके लिए टेंडर मांगे गए थे। ठेकेदार इसमें रुचि नहीं दिखा रहे है और इसलिए ही दोबारा टेंडर मांगे गए हैं। टेंडर भी ऑनलाइन मांगे जा रहे हैं, जिससे ठेकेदारों से यह नहीं पूछा जा सकता कि वह टेंडर क्यों नहीं लगा रहे। इस बार टेंडर आने की उम्मीद है और उनको छोड़ दिया जाएगा।
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-एके पंवार, एक्सईएन, पंचायतीराज विभाग
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