एआईएसएफ, हरियाणा अभिभावक मंच तथा छात्र-अभिभावक संघ के बैनर तले अभिभावक नियम 134-ए के लिए जिलेभर में एकजुट हो रहे हैं। गुरुवार को शहर में एआईएसएफ और हरियाणा अभिभावक मंच के बैनर तले सांसद निवास का घेराव किया गया है। वहीं दूसरी ओर छात्र अभिभावक संघ के बैनर तले अभिभावकों ने अंबेडकर चौक से लेकर लघु सचिवालय तक जुलूस निकाला। इसके अलावा गोहाना, खरखौदा में भी विरोध प्रदर्शन जारी रहा। खास बात ये है कि तीनों ही संगठन चाहते तो नियम के तहत बच्चे पढ़े लेकिन एआईएसएफ और हरियाणा अभिभावक मंच सरकार द्वारा टेस्ट के विरोध में हैं। वहीं छात्र अभिभावक संघ को टेस्ट से कोई दिक्कत नहीं है।
विभाग की लेटलतीफी के कारण निकाला जुलूस
छात्र अभिभावक संघ के बैनर तले अभिभावक अंबेडकर चौक पर इकट्ठा हुए। इसके बाद पैदल मार्च करते हुए लघु सचिवालय तक पहुंचे। सचिवालय पहुंच कर अभिभावकों ने डीसी को ज्ञापन दिया तथा मांग उठाई थी कि 1 मई को लर्निंग लेवल असेसमेंट होना है, लेकिन विभाग की लापरवाही के चलते अभी तक परीक्षा केंद्र तय नहीं हो पाए हैं। डीसी के समक्ष लोगों ने उन स्कूल संचालकों के खिलाफ भी कार्रवाई करने की अपील की जोकि फीस के लिए दबाव बना रहे हैं। इस मौके पर विमल किशोर, सुमित, राहुल, महेश, रुस्तम, संतोष, दया, पूजा, अर्चना, अंजू, जयपाल, सुषमा, अनिल, विनोद, दलवीर, अब्दुल जब्बार, आलम, सुनील, मनीषा, कविता, शशि, प्रवेश, पूनम, मंजू, मोनिका आदि मौजूद रहे।
टेस्ट का विरोध, सांसद निवास का घेराव
एआईएसएफ और हरियाणा अभिभावक मंच के बैनर तले अभिभावकों ने सांसद निवास का घेराव किया गया। इस दौरान जमकर नारेबाजी की गई तथा सांसद के पीए को ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में बताया गया कि दोनों संगठन पूरी तरह से टेस्ट का विरोध करते हैं। गरीब बच्चों को दाखिला का आधार उनका रिपोर्ट कार्ड ही होना चाहिए। टेस्ट लेने के बाद सरकार एक माह रिजल्ट देने में निकाल देगी, इसके बाद गर्मियों की छुट्टियां हो जाएगी। बच्चों की पढ़ाई खराब होगी। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद निजी स्कूल संचालकों का पक्ष ले रही है। इस अवसर पर मंच के जिला सचिव प्रमोद राठी, प्रेम सिंह, पूनम, हेमंत, आनंद जैन, प्रदीप जैन, सुनीता, पूनम, सीमा वर्मा, आरती, विशाल चौहान, आशी, वंदना आदि मौजूद रहे।