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साइकिल से निकले सड़क पर, करेंगे पब्लिक से सीधा संवाद

Fri, 29 Apr 2016 12:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
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अधिकारियों के साथ निकले डीसी - फोटो : bureau
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जाट आंदोलन के दौरान भड़के दंगों से कमजोर हुई सामाजिक सद्भावना और आपसी विश्वास को बहाल करने के लिए सोनीपत डीसी ने नई पहल की है। गुरुवार सुबह डीसी केएम पांडुरंग साइकिल पर अधिकारियों के साथ सड़क पर निकले। इतना ही नहीं वह मुख्य मार्गों पर लोगों से रूबरू हुए और सामाजिक भाईचारा मजबूत करने की अपील की। साथ में बीएंडआर द्वारा एक सप्ताह पहले बनाए गए राठधना रोड की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े करते हुए विभाग को सैंपल भरकर लैब में टेस्ट कराने की हिदायत दी।
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सुबह करीब साढ़े पांच बजे उपायुक्त के. मकरंद पांडुरंग रेलवे रोड स्थित पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह पहुंचे। यहां से साइकिल दौरे की शुरुआत की गई। विश्राम गृह से साइकिल पर निकले उपायुक्त और उनके अधिकारीगण सुभाष चौक से होते हुए मित्तल नर्सिंग होम के नजदीक से ओल्ड डीसी रोड पर पहुंचे। यहां से आईटीआई चौक से बाईपास पर निकले और फिर लिटिल एंजल्स स्कूल के सामने से होकर राठधना रोड पर पहुंचे। राठधना रोड से वापस शहर की ओर रुख करते हुए आईटीआई चौक से होकर एटलस रोड से होते हुए सुभाष चौक के सामने से होकर पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह पहुंचे। रास्ते में लोगों से न केवल मुखातिब हुए, बल्कि सामाजिक सद्भाव से लेकर हेल्थ के प्रति जागरूक भी किया।

पांच दिन पहले बना राठधना रोड के सैंपल भरने के दिए निर्देश
साइकिल दौरे के दौरान डीसी जब राठधना रोड पर पहुंचे तो उनकी नजर सड़क की क्वालिटी पर पड़ी। बकौल डीसी पहली नजर में लगा कि सड़क बनाते समय क्वालिटी का ध्यान नहीं रखा गया। तत्काल बीएंडआर के अधिकारियों को हिदायत दी कि वे सैंपल लेकर तत्काल लैब में टेस्ट कराएं। अधिकारियों ने जवाब दिया कि अभी पहली परत का ही निर्माण हुआ है। इस पर भी उपायुक्त संतुष्ट नहीं हुए और जांच की हिदायत दी।
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पटेल नगर की सीवरेज व्यवस्था दुरुस्त करने की हिदायत
साइकिल अभियान के तहत जब उपायुक्त का काफिला पटेल नगर पहुंचा तो उनकी नजर बदहाल सीवरेज व्यवस्था पर पड़ी। तत्काल पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों से पूछा, क्या कारण है कि सीवरेज लाइन ठीक नहीं हो रही। पहले भी यही हालात थे और अब भी। इस पर एक्सईएन को तत्काल समस्या के निदान की हिदायत दी।

एसडीएम आए नहीं, निगम आयुक्त 20 मिनट लेट
डीसी के साइकिल अभियान ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को भी सुबह-सुबह पसीना बहाने पर मजबूर कर दिया है। अभियान के पहले दिन एसडीएम निशांत यादव नहीं पहुंचे। डीसी ने दोबारा उनके न आने के बारे में पूछा। बताया गया कि वे शुक्रवार से नियमित आएंगे। प्लानिंग के तहत साढ़े 5 बजे सभी अधिकारियों को रेस्ट हाउस पहुंचना था। छह बजे डीसी साइकिल से रवाना हो गए थे। हालांकि निगम आयुक्त अश्वनी मेंगी 20 मिनट लेट आए और एटलस रोड पर आईसीआईसीआई बैंक के पास अभियान में शामिल हुए।

हकीकत का लगेगा पता, जमीन से होगा जुड़ाव
अभियान के पहले दिन कई अधिकारियों ने सवाल किए। एक अधिकारी ने कहा कि, साइकिल पर सिटी भ्रमण सप्ताह में एक दिन होना चाहिए। इस पर डीसी ने कहा कि प्रतिदिन अभियान चलाने की जरूरत है। मुख्य मार्गों के साथ-साथ शहर की छोटी-छोटी गलियों में भी गुजरना पड़ेेगा। इससे अधिकारियों को लोगों की वास्तविक समस्याओं का पता लगेगा और समाज के अंदर जो सामाजिक असुरक्षा की भावना घर कर गई है, वह भी दूर होगी।

संगठन साथ आएं, माता-पिता बच्चों को स्कूटी नहीं साइकिल दिलाएं
अभियान के दौरान डीसी ने कहा कि सिटी का एक साइकिल क्लब बनाया जाएगा। इसमें अधिकारियों के साथ-साथ शहर के संगठनों और गणमान्य नागरिकों को शामिल किया जाएगा। साथ ही माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों को स्कूटी दिलाने की बजाए साइकिल दिलाएं। क्योंकि इससे सेहत दुरुस्त रहती है और प्रदूषण भी कम होगा।

दूसरे चरण में पब्लिक डीलिंग पर रहेगा फोकस
साइकिल अभियान के प्रथम चरण में स्वास्थ्य पर फोकस किया जाएगा। सड़कों के चौक और गलियों के चौराहों पर लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाएगा। दूसरे चरण में समस्याओं के हल पर जोर दिया जाएगा। साथ में सामाजिक सद्भावना के प्रति प्रेरित किया जाएगा।

पहले दिन ये अधिकारी रहे शामिल
जिला उपायुक्त के साइकिल अभियान में पहले दिन नगर निगम आयुक्त अश्विनी मेंगी, जिला राजस्व अधिकारी सुरेश कुमार, नगर निगम के ईओ रोहताश विश्नोई, अरविंद कुमार व अन्य अधिकारी शामिल रहे।

..जब रेस्ट हाउस से विवि तक साइकिल पर गए डीसी
सुबह रेलवे स्टेशन के नजदीक रेस्ट हाउस में ही साइकिल अभियान पूरा हुआ। इसके बाद डीसी केएम पांडुरंग साइकिल पर ही मुरथल विवि के रेस्ट पहुंचे, जहां वे रह रहे हैं। हालांकि पीछे-पीछे उनकी गाड़ी चल रही थी, जिसमें सुरक्षाकर्मी भी सतर्क थे।

कैथल में चला चुके हैं डीसी साइकिल अभियान
डीसी ने बताया कि वे लंबे समय तक कैथल में रहे। उस दौरान वहां पर साइकिल क्लब का गठन किया गया। आज भी यह क्लब चल रहा है। इसमें 70 से 80 आम नागरिक सदस्य हैं और प्रतिदिन शहर में साइकिल पर घूमते हैं।
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