राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने मांगी रिपोर्ट
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पर्यावरण को बनाए रखने के लिए दिल्ली-अंबाला रेलमार्ग के दोनों ओर जल्द ही मानसून सीजन के दौरान हरियाली दिखाई देगी। रेलवे की जमीन पर वन विभाग पौधारोपण करेगा। विभाग की ओर से रेलवे लाइन का दौरा किया जा चुका है। बता दें कि पर्यावरण को लेकर रेलवे लाइनों के दोनों ओर फैली गंदगी के संदर्भ में रेलवे को एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) की ओर से फटकार तक मिल चुकी है। रेलवे पहले गन्नौर से दिल्ली बॉर्डर तक रेलवे लाइनों की सफाई करेगा। इसके बाद संयुक्त वन प्रबंधन करके लाइनों के दोनों ओर वनीकरण किया जाएगा। इसमें रेलवे तथा राज्य सरकार के वन विभाग की भागीदारी सुनिश्चित की जायेगी। माना जा रहा है कि पौधारोपण करने से मिट्टी का कटाव कम होगा। इससे रेल दुर्घटनाओं पर अंकुश लगेगा।
इन स्टेशनों पर भी होगा पौधारोपण
रेलवे स्टेशन गन्नौर, राजलूगढ़ी, सांदलकलां, सोनीपत, हरसाना कलां व राठधना पर भी पौधारोपण होगा। साथ ही सोनीपत से राठधना से आगे दिल्ली तक खाली पड़ी जमीन पर वन विभाग के सहयोग से पौधारोपण करेगा। सोनीपत-गोहाना-जींद रेललाइन पर भी पौधारोपण किया जाएगा। इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई है। इस लाइन पर रेलवे व राज्य सरकार के बीच समझौता भी हो चुका है।
पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए रेलवे लाइन के दोनों ओर पौधारोपण किया जाएगा। जिसको लेकर वन विभाग की टीम ने रेलवे की जमीन का सर्वे कर लिया गया है।
-ओपी नागपाल, एसएसई, रेलवे
दिल्ली-अंबाला रेललाइन पर गन्नौर से दिल्ली बॉर्डर तक रेलवे की जमीन पर पौधारोपण करने के लिए सर्वे कर लिया गया है। अब उसके लिए सूची तैयार की जा रही है, कहां-कहां कितने पौधे लग सकेंगे। मानसून सीजन के आरंभ होते ही पौधारोपण का कार्य आरंभ कर दिया जाएगा।
-राजेश आर्य, जिला वन अधिकारी, वन विभाग