पूर्व महिला मेडिकल कॉलेज निदेशक डॉ. सिवाच
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गांव खानपुर कलां स्थित भगत फूल सिंह राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. आरसी सिवाच को बतौर निदेशक सेवा विस्तार नहीं मिला। मेडिकल शिक्षा और रिसर्च विभाग की ओर से उनके रिलीव करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव धनपत सिंह ने किसी कॉलेज के किसी अति वरिष्ठ प्रोफेसर को चार्ज देने का आदेश दिया है। गौरतलब है कि डॉ. सिवाच की नियुक्ति कॉलेज मेें 17 जून 2011 को 5 वर्ष के लिए हुई थी। उन्होंने 23 जून को कार्यभार ग्रहण किया था। इससे पहले वह रोहतक के पीजीआईएमएस में आर्थोपैडिक डिपार्टमेंट में सीनियर प्रोफेसर थे। बुधवार को उनका पांच साल का कार्यकाल पूरा हो गया। कार्यकाल पूरा होते ही बुधवार को मेडिकल शिक्षा और रिसर्च विभाग की ओर से उनके रिलीव करने के आदेश जारी हो गए। वह रोहतक से डेपुटेशन पर आए थे। इसके बाद वह वहां वापस लौट जाएंगे।
16 मई को मेडिकल में फैली थी डॉ. सिवाच के इस्तीफा देने की अफवाह
डॉ. सिवाच के 22 जून को समाप्त होने वाले निदेशक के कार्यकाल से पहले 16 मई को कॉलेज में उनके इस्तीफा देने की अफवाह फैली थी। इसके बाद 17 मई को एमबीबीएस की छात्राओं, शिक्षक और गैर शैक्षिक कर्मचारियों ने एक बैठक कर उनके इस्तीफे पर विरोध जताया था। जिस समय यह बैठक चल रही थी, उसी दौरान डॉ. सिवाच ने वहां पहुंचकर साफ किया था कि 22 जून को उनका निदेशक का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। इस संबंध में उन्होंने सरकार को पत्र भेजकर अवगत कराया है न कि इस्तीफा दिया। उनके इस आश्वासन पर छात्राओं, शिक्षक और गैर शैक्षिक कर्मचारियों ने हस्ताक्षर अभियान चलाकर सरकार से डॉ. सिवाच को सेवा विस्तार देने की मांग की थी।