छिछड़ाना गांव के सरकारी स्कूल में प्राचार्य और महिला शिक्षक के बीच चल रहा विवाद गहरा गया है। शिक्षिका के पति ने विवाद के चलते पूरे स्टाफ को ही लीगल नोटिस जारी कर दिया। इससे नाराज ग्रामीणों ने शुक्रवार सुबह स्कूल के गेट पर ताला जड़ दिया। साथ ही शिक्षा विभाग से शिक्षिका के तबादले की मांग की। मौके पर पहुंचे डिप्टी डीईओ राजेंद्र दहिया ने जब उचित कार्रवाई का भरोसा दिया तब जाकर चार घंटे बाद ग्रामीणों ने स्कूल के गेट का ताला खोला। ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षिका जानबूझ कर स्टाफ को परेशान कर रही है।
सुबह 10 बजे ग्रामीण स्कूल के गेट के बाहर पहुंचे और स्टाफ और विद्यार्थियों को बाहर निकालकर गेट पर ताला लगा दिया और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की। छिछड़ाना गांव के सरपंच भगत सिंह, ग्रामीण आजाद सिंह, कृष्ण मलिक, दिलीप सिंह, भीम, उमेद सिंह, सुरेंद्र, बलबीर, पालेराम और कप्तान ने बताया कि पिछले दो महीने से गांव का माहौल खराब चल रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षिका स्कूल नहीं आती हैं। इतना ही नहीं उनके पति पूरे स्टाफ को लीगल नोटिस भेजकर दबाव बनाने का काम कर रहे हैं। नोटिस में उन्होंने प्रिंसिपल रामकरण के व्यवहार के बारे में जवाब मांगा है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रिंसिपल ईमानदार आदमी हैं। उनके 9 वर्ष के कार्यकाल में गांव का स्कूल राज्य में दो बार प्रथम, एक बार द्वितीय और एक बार तीसरे स्थान पर आ चुका है। महिला शिक्षक द्वारा उन्हें जानबूझ कर परेशान किया जा रहा है। इतना ही नहीं अब पूरे स्टाफ को लीगल नोटिस भेज दिया। ऐसे में उक्त महिला शिक्षक का तबादला किया जाए।
थानेे में दी थी महिला शिक्षक के पति ने शिकायत, पुलिस ने स्कूल में हुई पंचायत में दी क्लीनचिट
प्रिंसिपल रामकरण ने बताया कि शिक्षिका ऑनलाइन छुट्टी लेती रही हैं। इसका पता स्कूल स्टाफ को नहीं चलता। यहां ऐसा कोई माध्यम नहीं है। इस संबंध में जब उन्होंने शिक्षिका के पति को फोन किया तो वे भड़क गए और उन पर कार्रवाई करने की बात कहने लगे। 20 मई को एसपी के माध्यम से बरोदा थाने में महिला शिक्षक के पति ने उन पर परेशान करने समेत कई आरोप लगाते हुए शिकायत दी। इस पर बरोदा थाना प्रभारी ने उन्हें स्टाफ और गांव के प्रबुद्ध नागरिकों समेत 24 मई को स्कूल में रहने को कहा। 24 मई को स्कूल में एक पंचायत हुई, लेकिन कोई मामला नहीं निकला। उसी दिन बरोदा थाना प्रभारी ने उन्हें स्टाफ समेत थाने बुलाया। जहां सभी स्टाफ के सदस्यों ने उन पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया। इसके बाद गर्मी की छुट्टी हो गई। छुट्टी खत्म होने के बाद भी शिक्षिका स्कूल नहीं आई। 17 जून को सभी स्टाफ के सदस्यों को उनके पति ने वकील के माध्यम से लीगल नोटिस भेज दिया। इसमें सभी सदस्यों से प्रिंसिपल के व्यवहार के बारे में पूछा गया है। उन्होंने स्टाफ से 15 दिन में जवाब देने का लीगल नोटिस भेजा है।
स्कूल पर ग्रामीणों द्वारा ताला जड़ने की सूचना मिलने पर मैं यहां पहुंचा और कार्रवाई का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत कराया। इन लोगों ने लगभग चार घंटे तक स्कूल पर ताला जड़े रखा। अभी तक उनके पास ग्रामीणों की तरफ से इस बारे में कोई शिकायत नहीं मिली थी। अब मिली है तो इसे डिप्टी डायरेक्टर को सूचित करने के साथ ही जांच की जाएगी।
-राजेंद्र सिंह दहिया, डिप्टी डीईओ, सोनीपत
यह लिखा लीगल नोटिस में
शिक्षिका के पति के वकील की ओर से भेजे गए लीगल नोटिस में लिखा गया है कि स्कूल में एक पब्लिक मीटिंग हुई थी, जिसमें शिक्षिका के पति पर अटैक किया गया। इसके बावजूद बरोदा पुलिस को स्टाफ ने गलत बयान दिए। नोटिस मिलने के एक सप्ताह में आप लोग अपना जवाब दें, नहीं तो आपके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो सकती है।