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किसी को मिले दो बार पैसे, कोई एक बार के लिए लगाता रहा चक्कर

Sat, 23 Jul 2016 12:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
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छात्रवृत्ति घोटाला
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सरकार की तरफ से चलाई जा रही स्कीमों के तहत लाभ नहीं मिलने के बारे में तो सभी ने सुना होगा। मगर अगर सुविधा दो बार मिल जाए तो माहौल कैसा होगा इसका अंदाजा तो तभी लग सकता है तब आपको स्कीम का लाभ मिला हो वह भी दो बार। ऐसा ही मामला एडीसी कार्यालय में सामने आया है। शौचालय निर्माण योजना के तहत मोहाना गांव के 100 आवेदकों को ना सिर्फ मदद मिली बल्कि सरकारी कर्मचारी की लापरवाही के चलते इनके खाते में दो बार पैसे जाम करा दिए गए। वहीं जिन्हें पैसे मिलने चाहिए थे उन्हें अभी भी इंतजार है। इस तरह 12 हजार रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से 10 लाख रुपये से ज्यादा का घपला एडीसी कार्यालय में हुआ। डीसी ने एडीसी को मामले की गहराई से जांच के आदेश दिए हैं। आपको बता दें कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत गरीब परिवारों के घरों में शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार से 12 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिलती है। वहीं इस सहायता को प्राप्त करने के लिए लोगों को एडीसी कार्यालय में एक फार्म जमा कराना होता है। जांच के बाद आवेदक के खाते में पैसे जमा कराए जाते हैं। हालांकि आवेदकों के खातों में दो बार पैसे ट्रांसफर होना कहीं न कहीं बड़े घपले की आशंका जताता है।
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जरूरतमंदों को एक बार भी नहीं मिले पैसे
गांव के करीब 500 गरीब परिवारों ने शौचालय बनवाने के लिए एडीसी कार्यालय में फार्म जमा कराए थे। कार्यालय से जांच के बाद सूची तैयार कर 112 लोगों के खाते में राशि डाली गई थी। इसके बाद दोबारा सूची तैयार कर अन्य बचे हुए परिवारों के खाते में पैसे डालने की बजाय उन्हीं लोगों के खाते में पैसे ट्रांसफर कर दिए गए, जिन्हें पहले मिल चुके थे। बचे हुए पात्र गरीब परिवार को अब भी पैसे मिलने का इंतजार है।

मामले की होगी जांच
एडीसी ऑफिस में से अगर दो बार खातों में पैसे गए हैं तो इस मामले की जांच कराई जाएगी और पूरे मामले में एडीसी से रिपोर्ट मांगी जाएगी। अगर किसी भी अधिकारी व कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
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-केएम पांडुरंग, डीसी सोनीपत।

ऐसे उजागर हुआ भ्रष्टाचार
नाम नहीं छापने की शर्त पर एक ग्रामीण ने बताया है कि उसने एक अन्य ग्रामीण के साथ शौचालय बनवाने के लिए एडीसी ऑफिस में फार्म जमा कराया था। जब उसके खाते में पैसे नहीं आए तो इस विषय में उसने अपने साथी ग्रामीण से पूछा। इस पर उसने बताया कि उसके पास तो दो बार आ चुके हैं। इसके बाद उसने एडीसी कार्यालय में जाकर पूछताछ की तो पता चला कि 100 से अधिक लोगों के खाते में दो बार पैसे आए हैं।
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