दीपालपुर गांव में पंचायत को संबोधित करते आंतिल खाप के प्रतिनिधि।
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गांव दीपालपुर में आंतिल खाप की महापंचायत हुई। पंचायत में सबसे मुख्य मुद्दा यमुना नदी में गर्मी के मौसम में जल के नहीं होने का रहा। अलग अलग गांव से आए ग्रामीणों ने कहा कि यमुना नदी न हो कर एक पवित्र स्थान भी जहां लोगों की आस्था भी जुड़ी हुई है। मगर रेत माफियाओं और भू माफियाओं के चलते आज यह एक सूखा नाला बन गयी है। इसलिए यमुना में पानी छोड़ा जाए। जसपाल खेवड़ा, जेपी रेवली ने कहा कि सरकार कागजों में तो 352 क्यूसिक जल छोड़ने का दावा करती है, लेकिन सच्चाई बिल्कुल अलग है। आम जनता पूर्णमासी और अमावस्या को स्नान के लिए जाती है तो उसे मायूस लौटना पड़ता है।
पंचायत में सर्वसम्मति से फैैसला हुआ कि वे आगामी कुछ दिनों में यमुना के किनारे एक और सम्मेलन बुलाएंगे। साथ ही इस मौके पर यमुना के साथ साथ पानीपत, करनाल व यमुनानगर होते हुए मुख्यमंत्री को ज्ञापन को भी देंगे। पंचायत में कहा कि बेवजह मुरथल को बदनाम किया जा रहा है। किसी बाहर की जांच एजेंसी से इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इस मौके पर सुबे सिंह, राजेश आर्य, रामघन समेत विभिन्न खापों के प्रधान उपस्थित रहे।