31 अगस्त तक का अल्टीमेटम आखिरी है। यदि इस तारीख तक जाटों को आरक्षण नहीं मिला और सरकार ने फिर धोखा किया तो उसे सबक सिखाया जाएगा। शनिवार को यह चेतावनी अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने दी। मलिक जाट व्यापार मंडल के सम्मेलन को संबोधित करने आए थे। उन्होंने मीडिया से भी बातचीत की।
मलिक ने कहा कि इस बार आरक्षण नहीं मिलने की स्थिति में शहीद सुनील श्योराण की बरसी पर 13 सितंबर को मय्यड़ में राज्यस्तरीय रैली की जाएगी। यही पर आंदोलन के प्रारूप की घोषणा होगी। उन्होंने सुरेंद्र दहिया को दहिया खाप का अध्यक्ष मानने से इंकार करते हुए उनके आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। मलिक ने कहा कि दहिया खाप के अध्यक्ष सुरेंद्र दहिया नहीं, बल्कि प्रताप दहिया हैं। दहिया खाप जुलाई के पहले हफ्ते में अपने चबूतरे पर पंचायत करेगी। मलिक ने कहा कि उन पर गड़बड़ करने का आरोप लगाने का इसलिए कोई अर्थ नहीं है कि वह कभी चंदा एकत्र नहीं करते। न कभी किया है और न कभी करेंगे।
हमारा गोत्र मलिक, निकासी गोहाना से ही
उन्होंने खुद को बाहरी बताए जाने पर कड़ा एतराज करते हुए कहा कि उनका पैतृक गोत्र मलिक है। इसकी निकासी गोहाना के आहुलाना-छिछड़ाना से हुई है। जाटों के अधिकांश गोत्र हरियाणा या राजस्थान से निकलकर देश के दूसरे प्रदेशों में जाकर बसे हैं। बाहरी विवाद में यशपाल मलिक ने कहा कि वह जाट आरक्षण संघर्ष समिति की हरियाणा इकाई के प्रदेशाध्यक्ष नहीं हैं जो उनके बाहरी होने के विवाद को तूल दिया जाता है। समिति के प्रदेशाध्यक्ष फतेहाबाद के हैं, वह स्वयं राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, जो कहीं का भी हो सकता है।
दीनबंधु छोटूराम के नाम पर रखें व्यापार मंडल का नाम
जाट व्यापार मंडल के सदस्यों से मलिक ने कहा कि उन्होंने यह मंडल बनाकर व्यापार की अच्छी पहल की है। उन्होंने व्यापारियों से कहा कि इस मंडल का वह जब भी रजिस्ट्रेशन कराएं तो उनकी इच्छा है कि इसका नाम दीनबंधु छोटूराम व्यापार मंडल या उद्योग मंडल रखा जाए। इतना ही नहीं इसमें झगड़े वाला चरित्र नहीं अपनाना है। इस मंडल से सभी वर्गों को जोड़ना होगा। क्योंकि दीनबंधु छोटूराम केवल जाटों के प्रतिनिधि नहीं, बल्कि पूरे समाज को साथ लेकर चलने वाले और व्यापारियों के मसीहा थे।
हमने दिखा दिया कि लूटपाट समाज के लोगों ने नहीं की थी
मलिक ने कहा कि जून माह में हुए धरनों से जाट समुदाय ने दिखा दिया कि फरवरी माह में हुई लूटपाट और आगजनी जाटों ने नहीं की। जाट पहले भी शांति से आंदोलन कर रहे थे और बाद में भी शांति बनाए रखेंगे। इसीलिए जिन लोगों को पूरा मुआवजा नहीं मिला है वे एक लिस्ट बनाएं और उन्हें सौंप दें। मुआवजे के लिए सरकार से बातचीत की जाएगी।
आरएसएस की तरह संगठन खड़ा करें जाट
मलिक ने कहा कि जाटों को आरएसएस की तरह चलना होगा। क्योंकि आरएसएस के हर वर्ग में 50 संगठन बने हैं। जो हर पहलु पर एक रहते हैं। इसी कारण मनोहर लाल आज हरियाणा के मुख्यमंत्री है। अब वो समय आ गया है कि जाटों को हर वर्ग में एक साथ होकर चलना पड़ेगा। इसके लिए अगर कोई ट्रेनिंग भी देनी होगी तो वह देने को तैयार हैं। व्यापार से हमें पहले हरियाणा और फिर देश में कामयाबी पानी होगी। चुनाव लड़ना हमारी जरूरत नहीं है। बाबा रामदेव पर निशाना साधते हुए मलिक ने कहा कि एक बाबा जब पूरे देश में नाम बना सकता है तो 50 आदमी सोनीपत में नहीं फैल सकते। हम राजनीति नहीं करेंगे, लेकिन बाबा की तरह कामयाब जरूर होंगे।