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सुबह से थे सतर्क, शाम को ली राहत की सांस

Sat, 19 Mar 2016 12:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
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बस स्टैंड के पास बंद पड़ा शराब का ठेका। - फोटो : bureau
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चंडीगढ़ में हुई बैठक के बाद जाट आरक्षण आंदोलन 31 मार्च तक स्थगित कर दिया गया है। शुक्रवार देर शाम यह फैसला आने के बाद प्रशासन ने थोड़ी राहत की सांस ली। हालांकि शुक्रवार सुबह से ही जिला प्रशासन के निर्देशों के अनुसार सुरक्षा बल जगह-जगह तैनात कर दिए गए थे। इंटरनेट सेवाओं, शराब के ठेकों पर भी रोक लगा दी गई। अधिकारियों ने शुक्रवार को गोहाना में पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स के साथ फ्लैग मार्च भी निकाला। इसके अलावा अधिकारियों ने गांवों की पंचायतों में ग्रामीणों के साथ बैठकर भाईचारा बनाए रखने की अपील भी की। बता दें कि गुरुवार से ही प्रशासन आंदोलन को लेकर तैयारियों में जुट गया था। गुरुवार देर शाम ही पता चल गया था कि शुक्रवार को सीएम के साथ मीटिंग करने के बाद ही जाट नेता कोई फैसला करेंगे। वहीं शुक्रवार को भी पूरा दिन प्रशासन ऊहा-पोह की स्थिति में रहा। जिसके चलते जगह-जगह सुरक्षा बलों की ड्यूटी लगाई गई थी, हालांकि जाट नेताओं द्वारा देर शाम 31 मार्च तक का समय देने का पता चलने के बाद प्रशासन का रुख थोड़ा ढीला हुआ।
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एकता की मिसाल कायम करना जरूरी : एसडीएम
एसडीएम निशांत यादव ने शुक्रवार को रोहट और मोहाना के ग्रामीणों के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने कहा कि आपसी भाईचारे को पहुंची चोट के घाव जैसे ही भरने शुरू हुए तो अब इन्हें कुरेदने का प्रयास किया जा रहा है। जिसे किसी भी हालत में सफल नहीं होने देना है। यादव ने कहा कि सरकार ने आंदोलनकारियों की मांगें स्वीकार कर ली हैं। ऐसे में अब किसी भी प्रकार के धरने-प्रदर्शन एवं रोड जाम करने का कोई औचित्य नहीं रह जाता। इसके बावजूद कुछ लोग पर्दे को पीछे रहकर भोलेभाले लोगों को भड़काने का षड्यंत्र रच रहे हैं, किंतु सामने कोई नहीं आ रहा। इस बात को आम लोगों को समझना चाहिए। इस मौके पर पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।

शराब की बिक्री पर लगाई रोक
जिला मैजिस्ट्रेट के मकरंद पांडुरंग ने पंजाब एक्साइज एक्ट 1914 के सेक्शन 54(1) के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला सोनीपत में 18 मार्च व 19 मार्च को सभी शराब की बिक्री पर पाबंदी लगा दी गई है। अपने आदेशों में जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि जाट आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा दिए गए अल्टीमेटम के मद्देनजर किसी भी तरह के मानव जीवन को खतरे व संपत्ति को नुकसान, सार्वजनिक स्थान पर अव्यवस्था व तनाव की आशंका के चलते यह कदम उठाया गया है।
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इंटरनेट और बल्क एसएमएस सेवाओं पर पाबंदी
जिला मजिस्ट्रेट मकरंद पांडुरंग ने जिला में किसी भी तरह के तनाव, झगड़े, मानव जीवन को खतरा, संपत्ति को नुकसान व कानून व्यवस्था बिगडने के आशंका के चलते धारा 144 के तहत आदेश जारी किए हैं। इसके तहत सोशल मीडिया जैसे व्हाटसएप, फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, फ्लिकर, टंबलर, गूगल प्लस और मोबाइल के जरिए भेजी जाने वाली बल्क एसएमएस सेवाएं को बंद किया गया है। इनके जरिए कानून व्यवस्था बिगाडने के लिए प्रयोग की जा सकती हैं। ये आदेश आगामी 16 मई तक लागू किए गए हैं। हालांकि शुक्रवार को दोपहर बाद 2 बजे से 4 बजे तक शांति संदेश भेजने के लिए इंटरनेट पर पाबंदी हटाई गई थी।

अनुमति मिलने पर ही होगा जेसीबी का प्रयोग
भारतीय दंड संहिता 1973 की धारा के तहत जिला मैजिस्ट्रेट के मकरंद पांडुरंग ने आदेश जारी करते हुए कहा कि तनाव की आशंका को देखते हुए जिले में जेसीबी मशीनों के प्रयोग पर पूरी तरह से पाबंदी लगाई गई है। डीसी ने अपने आदेशों में कहा है कि पिछले माह आंदोलन के दौरान नहर के किनारों को काटने की घटनाओं को देखते हुए ही जेसीबी पर रोक लगाई गई है। अगर कोई जेसीबी मालिक किसी क्षेत्र में काम कर रहा है तो उसे काम जारी रखमने के लिए संबंधित एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार से अनुमति लेनी होगी। यह आदेश 27 मंार्च तक लागू किए गए हैं।

प्रकाश सिंह कमेटी लेगी अधिकारियों की बैठक
उपायुक्त के मकरंद पांडुरंग ने बताया कि शनिवार 19 मार्च को प्रकाश सिंह कमेटी सांय तीन से पांच बजे तक पीडब्लूडी रेस्ट हाउस में अधिकारियों और सद्भावना कमेटी के सदस्यों की मीटिंग लेंगे। बैठक में गांवों और शहरों में भाईचारा बनाए रखने के विषय पर चर्चा की जाएगी।

सीएम ने दिया मांगें पूरी करने का आश्वासन
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला प्रधान राजेश दहिया ने बताया कि चंडीगढ़ मेें हुई बैठक में सरकार को 31 मार्च तक का समय दिया गया है। सीएम ने आश्वासन दिया है कि पुराने मामलों की जांच कमेटी से करवाई जाएगी। जेल में समुदाय के लोगों के साथ मारपीट के विषय में भी डीसी स्वयं जांच करेंगे। इसके अलावा उन्होंने आरक्षण को लेकर सुझाव भी दिए गए हैं। सरकार ने आश्वासन दिया है कि 31 मार्च तक मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया है।
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