प्रदेश ही नहीं देश की लाइफ लाइन आज कुछ सहमी-सहमी सी है। जगह-जगह पर पहरा है। कहीं देश की सीमाओं के रक्षा करने वाले हाथों में हथियार लिए खड़े हैं तो कहीं खाकी वर्दी वाले डेरा डाले हैं। जी हां, जीटी रोड पर शुक्रवार को ये ही स्थिति थी। पिछले महीने जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान जीटी रोड पर जो उपद्रव हुआ था, उसी की सीख थी कि प्रशासन ने जीटी रोड पर भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए हैं। विशेषतौर पर उन जगहों पर सुरक्षा बलों की ड्यूटी लगाई गई हैं, जहां पिछली बार सबसे अधिक उत्पात मचा था। बता दें कि अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के बैनर तले प्रदर्शन कर समुदाय के लोगों ने जिला प्रशासन को 72 घंटों का समय दिया गया था, जोकि गुरुवार रात को समाप्त हो गया। गुरुवार को जिला प्रशासन ने अर्ध सैनिक बलों की 8 कंपनियों की जिले भर में तैनात कर दी थी। विशेषतौर पर गोहाना, पश्चिमी यमुना नहर और जीटी रोड पर जवान तैनात किए गए थे। शनिवार को हमने जीटी रोड पर सोनीपत की सीमा में पाया कि पूरे जीटी रोड पर जगह-जगह सुरक्षा बलों को तैनात किया गया था।
टीडीआई मॉल : आज भी सहमे हैं दुकानदार
मॉल कुंडली में स्थित है और दिल्ली के करीब है। आसपास कई बिल्डर्स कंपनियों द्वारा बहुमंजिला इमारतें खड़ी की गई हैं। जिसमें अधिकतर लोग दिल्ली में नौकरी-पेशे वाले हैं। यही लोग इस मॉल में चहलपहल भी रखते हैं, लेकिन शुक्रवार को नजारा कुछ अलग था। अन्य दिनों के मुकाबले लोगों की संख्या बहुत कम थी। मॉल की ओर से सुरक्षा के लिए गार्ड की संख्या तो बढ़ा ही दी गई थी। प्रशासन की ओर से भी पुलिसकर्मियों की यहां ड्यूटी लगाई गई हैं। दुकानदार पिछले उत्पात से अभी तक सहमे हुए हैं।
कुमासपुर मोड़ पर दिखी खाकी वर्दी
कुमासपुर मोड़ के पास पिछली बार जीटी रोड जाम किया गया था। पूरे जीटी रोड पर यहां ही सबसे अधिक संख्या में लोग थे। इसी को ध्यान में रखते हुए गुरुवार को ही प्रशासन ने यहां पर पुलिस कमयों की ड्यूटी लगा दी थी। शुक्रवार को भी कुमासपुर चौक पर ही पुलिस कर्मी खड़े रहे। यहां पर लगभग 15 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है, जोकि जीटी रोड के दोनों ओर हैं।
मुरथल के प्रसिद्ध ढाबों पर रौनक रही कम
मुरथल के ढाबे प्रदेश ही नहीं बल्कि दिल्ली और आसपास के राज्यों में भी प्रसिद्ध हैं। इन ढाबों की रौनक आंदोलन के उपरांत कुछ कम हो गई थी। इनमें धीरे-धीरे रौनक लौट रही थी, लेकिन अब फिर से जाट आरक्षण आंदोलन के डर से यहां लोगों की संख्या कम होती दिखाई दे रही है। जीटी रोड स्थित कई ढाबों पर अन्य दिनों के मुकाबले कम ही वाहन देखे गए।
लड़सौली चौक पर तैनात हैं फोर्स
पिछली बार आंदोलन समाप्त होने के बाद भी जीटी रोड पर लड़सौली के पास जाम लगाया गया था। यहां पर सेना को मजबूरन गोलियां चलानी पड़ी थी, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी। इसी लड़सौली चौक पर दोनों ओर रैपिड एक्शन फोर्स की एक टुकड़ी लगाई गई। जीटी रोड के दोनों ओर थोड़े-थोड़े अंतराल पर जवान तैनात किए गए हैं। अधिकतर जवान हथियारों से भी लैस हैं।