पुलिस लाइन में अधिकारियों के साथ ओक्टोकॉप्टर की खूबियां देखते डीसी केएम पांडुरंग
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जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान कानून व्यवस्था को बनाए रखने और उपद्रवियों पर नजर रखने के लिए जिला प्रशासन ने गुड़गांव से 60 लाख रुपये की कीमत का ऑक्टोकाप्टर मंगवाया है। यह 400 मीटर की ऊंचाई से हाई विजिबिलिटी और 180 डिग्री पर घूमने वाले कैमरे से फोटो खींचने के साथ-साथ वीडियो भी बना सकता है। साथ ही एक किलोमीटर दूर तक उड़ान भर सकता है।
फरवरी माह में हुए दंगों के दौरान नाकामी के चलते प्रशासन से यह कदम उठाया है, क्योंकि उस समय मुनक नहर, जीटी रोड और रेलवे ट्रैक पर नजर रखने के लिए इस तरह के उपकरण की काफी कमी महसूस की गई थी। बुधवार को पुलिस लाइन में अफसरों के साथ खुद डीसी केएम पांडुरंग ने ओक्टोकॉप्टर की खूबियों का जायजा लिया। डीसी ने बताया कि जिला प्रशासन ने जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने सहित विभिन्न विकासात्मक योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए प्रशासन विज्ञान एवं तकनीकी का प्रयोग करेगा। प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए राज्य सरकार ने सूचना एवं प्रौद्योगिकी को बढ़ावा दिया है। इसी राह पर चलते हुए जिला प्रशासन अब विज्ञान एवं तकनीकी का अधिक से अधिक प्रयोग करना चाहता है।
उपद्रव की स्थिति में ऐसे करेगा काम
आधुनिक तकनीक से लैस यह ओक्टोकॉप्टर उपद्रव की स्थिति में अराजक तत्वों पर पैनी नजर रखेगा और उनकी स्पष्ट तस्वीर और अन्य गतिविधियों की रिपोर्ट जिला प्रशासन को देगा। उपायुक्त के. मकरंद पांडुरंग ने कहा कि यह ओक्टोकॉप्टर उपद्रवियों से निपटने में बेहद कारगर साबित होगा और प्रशासन को जिला में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में काफी मदद मिलेगी।
ऐसे करेगा काम
गुड़गांव से सोनीपत मंगवाए इस ओक्टोकॉप्टर की कीमत 60 लाख रुपये हैं। इसमें आधुनिक तकनीक का एक हाई विजिबिलिटी वाला कैमरा लगा है। यह एक किलोमीटर तक उड़ान भर सकता है और 400 मीटर ऊंचाई तक काम करता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि इसको लैपटॉप से जोड़कर अधिकारी घटनास्थल का लाइव भी देख सकते हैं। यह एरियल सर्वे के दौरान जमीन में पांच सेंटीमीटर तक की वस्तुओं को भी कैमरे में कैद कर सकता है और इसकी भेजी तस्वीरें एकदम स्पष्ट होंगी। उपद्रव की स्थिति में ओक्टोकॉप्टर एक-एक व्यक्ति की स्पष्ट पहचान करके बताएगा।