पत्रकारों से बातचीत करते हुए डीआईजी एवं एसपी हरदीप सिंह दून
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डीआईजी और एसपी हरदीप सिंह दून ने कहा कि पंजाब की तर्ज पर प्रदेश में सेवानिवृत्त भूतपूर्व सैनिकों की भर्ती की जा रही है। डीजीपी डॉ. केपी सिंह के निर्देशानुसार सोनीपत पुलिस में 200 सेवानिवृत्त सेना के जवानों को स्पेशल पुलिस आफिसर के पद पर नियुक्त किया जाएगा, ताकि इन सेना के रिटायर्ड जवानों की सहायता से अपराध को जड़ से मिटाया जा सकें। इससे पुलिस का कद भी बढ़ जाएगा। वे बुधवार को पुलिस लाइन में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
डीआईजी एचएस दून ने बताया कि प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार डीजीपी डॉ. केपी सिंह ने सेना से रिटायर हुए 200 जवानों को स्पेशल पुलिस आफिसर के पद पर भर्ती करने का प्रस्ताव पास किया है। इसके तहत उम्मीदवार ने सेना में कम से कम पांच साल तक अपनी सेवाएं दी हों। दून ने बताया कि उम्मीदवार को एक वर्ष के लिए नियुक्त किया जाएगा। इस दौरान उसे 14 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा। यदि कर्मचारी का व्यवहार और उसकी ड्यूटी पूरी तरह से सही पाई जाती है तो विभाग उसकी सेवा को बढ़ाने पर भी विचार कर सकता है। उन्होंने बताया कि भर्ती के लिए आने वाले उम्मीदवार पर किसी भी प्रकार का आपराधिक मामला दर्ज नहीं होना चाहिए, यदि बाद में ऐसा पाया गया तो पुलिस उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगी। डीआईजी ने कहा कि जो भी सेवानिवृत्त उम्मीदवार भर्ती होना चाहता हैं वह वीरवार सुबह 11 बजे तक पुलिस लाइन में मौजूदगी दर्ज करा दें, ताकि आगे की प्रक्रिया शुरू की जा सके। 20 जून को प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें मुधबन, करनाल में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा।
13 आवेदकों को कुर्ता-पायजामा पहनने पर पर लगाई फटकार
भर्ती के लिए आए सेवानिवृत्त सैनिक जब डीआईजी एचएस दून के समक्ष बैठे थे तो उनकी नजर एकबारगी सफेद कुर्ता-पायजामा पहने एक आवेदक पर चली गई। इस पर डीआईजी ने उसे खड़े होने का आदेश दिया। हालांकि जब एक नहीं बल्कि 13 आवेदक कुर्ता-पायजामा पहने नजर आए तो डीआईजी ने क्रोध में आकर ऐसे सभी आवेदकों को खड़े होने का आदेश दिया। डीआईजी ने उन्हें कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कृि एक जवान को हमेशा अनुशासन में रहना होता हैं, लेकिन इस तरह का पहनावा सेना व पुलिस के अनुशासन से बाहर हैं, जो कतई सहन नहीं होगा।