राई हलके के नाहरी गांव में जनसभा को संबोधित करते इनेलो नेता अभय चौटाला।
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इनेलो नेता अभय चौटाला का कहना है कि भाजपा जाटों को आरक्षण देना ही नहीं चाहती, क्योंकि पार्टी की नीयत में खोट है। अगर भाजपा सही मायने में आरक्षण देना चाहती तो केंद्र सरकार को नौवीं अनुसूची में आरक्षण के फैसले को शामिल करने की सिफारिश करनी चाहिए थी। इसके बाद आरक्षण न्यायिक दायरे से बाहर आ जाता है। वे शनिवार शाम राई हलके नाहरी गांव में सद्भावना सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
चौटाला ने कहा कि भाजपा और कांग्रेसी नेताओं ने ही जातपात का जहर घोलकर जाट आरक्षण को उपद्रवों का रंग दिया। इसका खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ा। कांग्रेस ने अपने शासनकाल में जाट आरक्षण को लेकर आधा अधूरा कानून बना दिया जिसके चलते यह मुद्दा सिरे ही नहीं चढ़ सका। रही-सही कसर भाजपा ने पूरी कर दी। उन्होंने भाजपा सरकार पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि जिस सरकार द्वारा गठित जांच कमेटी के खिलाफ उसके खुद के वरिष्ठ मंत्री हों, वह सरकार अपनी विश्वसनीयता कब तक कायम रख पाएगी। होना तो यह चाहिए कि इस तरह के तथ्य सामने आने पर हरियाणा के मुख्यमंत्री को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। इससे पूर्व कार्यक्रम में पहुंचने पर इनेलो नेता पद्म सिंह दहिया, हलकाध्यक्ष रामकिशन तुषीर, ईश्वर दहिया ने बुके देकर चौटाला का स्वागत किया।