लोक निर्माण विभाग के रेस्ट हाउस की तरफ जाते कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर। साथ में कार्यकर्ता।
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कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर का कहना है कि प्रदेश सरकार फरवरी माह में हुए दंगों को रोकने में नाकाम रही। अब फिर वहीं गलती दोहरा रही है। जाट आरक्षण का समाधान बातचीत के जरिए निकाले। ताकि आंदोलनकारियों को सड़क पर आने के लिए मजबूर न होना पड़े। वे शनिवार को पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि फरवरी माह में आंदोलन के दौरान प्रदेश में जमकर उपद्रव हुआ था। इसके चलते प्रदेश में माहौल खराब हो चुका है। प्रदेश मेें दोबारा जाट आरक्षण आंदोलन को सरकार को रोकना चाहिए, वहीं इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही समाधान करना चाहिए ताकि प्रदेश में शांति बनी रहे। प्रकाश आयोग की रिपोर्ट पर तंवर ने कहा कि सरकार के इशारे पर नेताओं को बचाने के लिए अधिकारियों को बली का बकरा बनाया गया है। रिपोर्ट के 35 पन्ने जारी नहीं किए गए, इससे साफ है कि सरकार की नीयत में खोट है। क्योंकि इस कमेटी पर राजनीतिक लोगों का दबाव था। राज्यसभा सदस्य के चुनाव में समर्थन पर तंवर ने कहा कि हजकां का कांग्रेस में विलय के बाद प्रदेश में कांग्रेस के 17 विधायक हो गए हैं। इनसे विचार-विमर्श करने के बाद पार्टी हाईकमान अंतिम फैसला करेगा। किस सदस्य को समर्थन दिया जाए।