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जाट शांत, प्रशासन सतर्क

Mon, 06 Jun 2016 12:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
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ज्ञापन लेने के लिए पहुंचे डीसी एवं डीआईजी साथ में अधिकारीगण एवं संघर्ष समिति के पदाधिकारी। - फोटो : bureau
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अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के आह्वान पर ‘जाट न्याय धरना’ रविवार से शुरू हो गया। खाप नेताओं की गैरमौजूदगी में सुबह पहले एक रैली को समिति के प्रमुख लोगों ने संबोधित किया और बाद में इसे अनिश्चितकालीन धरने के रूप में परिवर्तित कर दिया गया। धरने में सुबह से ही समाज के लोगों का आना शुरू हो गया था। 12 बजे के बाद उपस्थिति बढ़नी शुरू हुई। शाम के समय समिति के नेताओं ने अपनी मांगों के साथ ज्ञापन डीसी और डीआईजी को दिया। इस दौरान अधिकारियों ने भी सरकार के समक्ष उनकी मांगें रखने का आश्वासन दिया। समिति के पदाधिकारियों ने फैसला लिया है कि धरना अनिश्चितकाल तक दिनरात चलता रहेगा। जब सरकार उनकी मांगें मान लेगी तो वे धरना वापस ले लेंगे। धरने से इतर प्रशासन ने अपनी पुख्ता तैयारियों के तहत जीटी रोड, पश्चिमी यमुना लिंक नहर, रेलवे लाइन और गोहाना में पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था रखी। अर्धसैनिक बलों और पुलिस जवानों के साथ सभी जगहों पर नियुक्त ड्यूटी मजिस्ट्रेट अपनी ड्यूटी पर तैनात दिखाई दिए।
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आते रहे लोग, नहीं की कोई जांच
प्रशासन जाट आरक्षण आंदोलन को लेकर काफी समय से तैयारी कर रहा था। कभी फ्लैग मार्च तो कभी मॉकड्रिल, लेकिन रविवार को धरने के पहले दिन ही प्रशासन की सख्ती बेअसर दिखाई दी। एक ओर तो धरने में बैठने के लिए लोग दोपहर तक आते रहे, वहीं इन लोगों की जांच करने वाला कोई नहीं था। पहले व्यवस्था की गई थी कि सक्षम अधिकारी की अनुमति के बाद ही कोई व्यक्ति धरने में हिस्सा ले सकेगा। लेकिन रविवार को ऐसा कुछ नहीं दिखाई दिया। कोई भी व्यक्ति धरना स्थल पर आसानी से जा रहा था।

डीएसपी गाड़ी में, कुछ खेलते रहे ताश
आंदोलन के दौरान किसी तरह की हिंसा या उपद्रव से निपटने के लिए प्रशासन ने भारी-भरकम फोर्स का तो इंतजाम कर लिया, लेकिन अर्धसैनिक बलों को छोड़कर पुलिस जवान आराम फरमाते दिखाई दिए। सबसे हैरानी तो तब हुई जब ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर नियुक्त डीएसपी भारती डब्बास लगातार 3-4 घंटे गाड़ी में ही बैठी रहीं। गर्मी से बचने के लिए गाड़ी स्टार्ट रखकर एसी चलाया गया था। दूसरी ओर पुलिस के कई जवान ताश खेलकर अपना टाइम पास करते दिखाई दिए। वहीं कुछ पुलिसवाले सुबह से ही पेड़ों की छांव खोजने की जुगत लगाते दिखे।
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जीटी रोड और नहर पर कड़ी सुरक्षा
यूं तो प्रशासन की ओर से हर जगह सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने का पूरा इंतजाम किया गया था। इसके बावजूद जीटी रोड, नहर और गोहाना में अधिक ऐतिहात बरती गई। पश्चिमी यमुना लिंक नहर पर गढ़ी बिंधरौली और खुबडू़ के पास विशेष इंतजाम किए गए थे। वहीं नहर के ककरोई हेड और अन्य हेड पर भी अर्धसैनिक बल तैनात किए गए थे। जीटी रोड पर जिन जगहों पर फरवरी माह में जाम लगाया गया था, वहां पर फोर्स तैनात की गई। इसमें कमासपुर चौक, बीसवां मील चौक, मुरथल के ढाबे, लड़सौली आदि क्षेत्र शामिल हैं।

दिन-रात जारी रहेगा धरना, दो मांगें मान ले सरकार : दहिया
समिति के जिलाध्यक्ष राजेश दहिया ने बताया कि हमारी दो ही मांगे हैं। पहली जाट समुदाय के लोगों पर फरवरी माह में दर्ज किए गए केस खारिज हों और इन मामले में समुदाय के जो लोग गिरफ्तार किए गए हैं, उन्हें रिहा किया जाए। उपद्रव के दौरान शहीद हुए समुदाय के लोगों के परिवारों को मुआवजा और सरकारी नौकरी दी जाए। दहिया ने कहा कि हमारी ये ही दो मुख्य मांगें हैं, तीसरी मांग ये है कि सरकार हमारे आरक्षण के लिए हाईकोर्ट में लड़ाई लड़े। दहिया ने बताया कि अगर सरकार हमारी मांगें मान लेती हैं तो हम धरना समाप्त कर देंगे। नहीं तो दिन-रात अनिश्चितकाल के लिए धरना जारी रहेगा।

11-11 का फार्मूला बनाया है धरने के लिए
धरने पर रहने के लिए संघर्ष समिति की ओर से 11-11 का फार्मूला बनाया गया है। फार्मूले के तहत 11 लोग रात के समय धरने पर मौजूद रहेंगे। इसका फैसला रविवार को दोपहर में हुई बैठक में लिया गया। सोमवार को दोपहर के समय फिर से फैसला लिया जाएगा और वो 11 लोग चुने जाएंगे जो सोमवार रात को धरने स्थल पर मौजूद रहेंगे। इसी तरह जब तक धरना रहेगा, तब तक 11 लोग रात को धरने स्थल पर रहेंगे।

आज होगी पाबंदियों के संदर्भ में बैठक
डीसी केएम पांडुरंग सोमवार को अधिकारियों की बैठक लेंगे। बैठक में इंटरनेट, शराब, जेसीबी तथा अन्य पाबंदियों के संदर्भ में बातचीत की जाएगी। बता दें कि इंटरनेट और बल्क एसएमएस सेवाओं पर रोक लगाने से आम लोग प्रभावित होते हैं। इसीलिए प्रशासनिक अधिकारी इसी विषय में बातचीत करेंगे।

डीसी ने कहा कि राज्य सरकार को भेजेंगे सिफारिश
समिति के पदाधिकारियों से ज्ञापन लेने पहुंचे उपायुक्त के मकरंद पांडुरंग ने कहा है कि वे जाट आरक्षण संघर्ष समिति की भावनाओं से सहमत हैं और उन द्वारा दिए गए ज्ञापन को जिला प्रशासन की सिफारिश के साथ राज्य सरकार को भेजा जाएगा। इस दौरान उप पुलिस महानिरीक्षक एवं जिला पुलिस अधीक्षक हरदीप सिंह दून ने कहा कि जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने जिला प्रशासन को शांतिपूर्वक तरीके से धरना देने का जो आश्वासन दिया था उस पर समिति एकदम खरा उतरी है इसलिए जिला प्रशासन उनका आभार भी व्यक्त करता है। इस अवसर पर एसडीएम निशांत यादव, सीटीएम सुरेंद्र सिंह, नगर निगम कमिश्नर अश्वनी मैंगी, डीएसपी मुकेश कुमार, डीएसपी भारती डब्बास, जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष मूलचंद दहिया, जिलाध्यक्ष डा. राजेश दहिया, जिला उपाध्यक्ष सुरेंद्र छिक्कारा, महासचिव राजबीर गहलावत, युवा जिलाध्यक्ष मोहित मोर आदि उपस्थित थे।
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