पत्रकारों से बातचीत करते सार्वदेशिक आर्यप्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष स्वामी आर्यवेश।
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नेताओं की बयानबाजी के चलते प्रदेश के हालात खराब हुए हैं। ऐसे में सबसे पहले नेताओं की बयानबाजी पर अंकुश लगाया जाए। वह नेता चाहे किसी भी दल या वर्ग से हों। गुरुवार को सोनीपत पहुंचे सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष स्वामी आर्यवेश ने यह बात कही।
आईटीआई चौक के नजदीक दून स्कूल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए आर्यवेश ने कहा कि प्रदेश में हुए जाट आंदोलन आरक्षण के बाद भाईचारे में आई दरार को खत्म करने के लिए आर्य समाज ने अभियान शुरू कर दिया है। एक तो सरकार ने जाट समाज की बात मान ली है। फिर भी दोबारा आंदोलन करना पड़े तो शांतिपूर्वक करें। हिंसा और आगजनी किसी भी हालात में उचित नहीं है। फरवरी माह में जो हुआ, वह दोबारा नहीं होना चाहिए। समाज के हर वर्ग को पुरानी बातों को भूलकर आगे बढ़ना होगा। साथ ही समाज के अंदर आजकल जो 35 बिरादरी का नारा चल रहा है, उसे खत्म करना होगा। हमें 36 बिरादरी एक है, यही सोच रखनी होगी।
आरक्षण के समाधान के बारे में स्वामी आर्यवेश ने कहा कि केंद्र सरकार को ऐसी पॉलिसी बनानी होगी, जिसमें गरीब और अमीर को एक जैसी शिक्षा, रहन-सहन और जीवन जीने के अवसर मिलें। इससे बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ेगा। वही आगे बढ़ सकेगा, जिसमें काबिलियत है। उधर, एसवाईएल मुद्दे पर स्वामी आर्यवेश ने कहा कि केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जल्द समाधान करना चाहिए। क्योंकि प्रदेश में भाजपा और पंजाब में भाजपा के ही गठबंधन की सरकार है। अगर सरकार ऐसा नहीं करती है तो प्रदेश में एक बहुत बड़ा आंदोलन हो सकता है। जिसमें प्रदेश की सभी बिरादरी के लोग हिस्सा लेंगे।