एक तरफ जहां हर साल प्रशासन बारिश के पानी की निकासी पर लाखों रुपये खर्च कर रहा है, दूसरी तरफ धरातल पर बारिश के पास की निकासी के प्रबंध महज खानापूर्ति लग रहे हैं। यहां तक अधिकारियों तक को अंदेशा है कि बारिश का पानी घरों में जरूर घुसेगा, क्योंकि ड्रेन नंबर छह की अभी तक सफाई नहीं हुई। अब सवाल उठता है कि क्या नगर निगम बारिश आने के बाद कदम उठाएगा। जबकि सफाई का टेंडर छोड़ा जा चुका है।
मानसून के मौसम में हर साल शहर में एक दर्जन जगह न केवल घरों में पानी घुसता है, बल्कि सड़कों पर कई-कई फुट पानी खड़ा हो जाता है। खासकर ओल्ड रोहतक रोड सूरी पेट्रोल वाली गली, शनि मंदिर चौक, गढ़ी घसीटा, सेक्टर 14, माडल टाउन का कुछ हिस्सा, आईटीआई चौक, एटलस रोड, बंदेपुर, कालूपुर चुंगी के नजदीक औद्योगिक एरिया और ककरोई रोड पर घरों में पानी घुस जाता है। इसके चलते न केवल लोगों का घरेलू सामान खराब होता है, बल्कि नींव भी कमजोर होती है।
27 लाख पानी निकासी पर खर्च, फिर भी भरोसा नहीं
मानसून से पहले ही कैबिनेट मंत्री कविता जैन सिंचाई, नगर निगम और पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों को हिदायत देकर पानी की निकासी के कदम उठाने की हिदायत दे चुकी हैं। साथ में डीसी ने भी अधिकारियों को सख्त हिदायत दी थी। पब्लिक हेल्थ की ओर से सीवरेज की सफाई के लिए 5 लाख रुपये सीवरेज की सफाई पर, जबकि नगर निगम 11 लाख प्रति माह सफाई के नाम पर खर्च कर रहा है। इसके बावजूद अधिकारियों को भरोसा नहीं कि बारिश का पानी सड़कों और गलियों में घरों के बाहर खड़ा नहीं होगा।
...तो क्या बारिश के बाद होगी ड्रेन की सफाई
निगम बारिश के बाद कराएगा ड्रेन की सफाई
पब्लिक हेल्थ के एक अधिकारी ने बताया कि उनकी तरफ से सफाई कराने का काम पूरा करा दिया गया है। हालांकि ड्रेन नंबर छह की सफाई अभी तक नहीं हुई है। अगर ड्रेन ओवरफ्लो हो गई तो जल्दी पानी की निकासी नहीं हो पाएगी। यह काम नगर निगम का है। निगम ने 10 लाख रुपये का ड्रेन की सफाई के लिए टेंडर तो छोड़ दिया है, लेकिन काम अब तक शुरू नहीं हो सका है।
सीवरेज लाइन अभी से जाम, नाले की नहीं हुई पूरी सफाई
शहर में बनाए गए बरसाती नालों की सफाई का काम आधे से ज्यादा पूरा नहीं हो सका है। वहीं कुछ स्थानों पर तो बारिश के आने से पहले ही सीवर जाम होने के चलते पानी खड़ा है। ऐसे में अगर बारिश आती है तो सड़कों पर और नीचे इलाकों में बने घरों में पानी भरना तय है।
जानलेवा है रेलवे का अंडर ब्रिज
शनि मंदिर और सारंग रोड पर बने रेलवे के अंडरब्रिज बारिश के मौसम में तालाब की तरह लबालब भर जाते हैं। यहां इतना पानी भर जाता है, जिसमें बच्चे क्या बड़े भी डूब जाएं। अधिकारियों का कहना है कि लाइन से दूसरी तरफ का पानी अंडर ब्रिज में भर जाता है। जिसको निकालने के लिए दो मोटर लगाई गई हैं, लेकिन पानी आगे न जाने की वजह से दिक्कत आती है।
सभी सीवरों की सफाई करा दी गई है। बारिश को देखते हुए बचे हुए सीवरों की भी जल्द सफाई करा दी जाएगी। ड्रेन नंबर छह की सफाई नहीं होने से सीवर जाम हो जाते हैं। इससे पानी भरने की संभावना बनी रहती है।
-एसके दहिया, एक्सईएन, पब्लिक हेल्थ
नगर निगम ने ड्रेन नंबर छह की सफाई पर 10 लाख रुपये खर्च किए हैं। इसके लिए टेंडर छोड़ा जा चुका है। सिंचाई विभाग की ओर से मलकियत के कागजात अभी निगम के पास नहीं आए हैं। इसलिए काम शुरू कराने में देरी हो रही है।
-ठाकुरलाल, एक्सईएन नगर निगम
पब्लिक हेल्थ, नगर निगम व सिंचाई विभाग के अधिकारियों को पानी निकासी की पुख्ता व्यवस्था करने की हिदायत दी जा चुकी है। इसके बावजूद कोई कमी है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-केएम पांडुरंग, डीसी, सोनीपत