पिछले दिनों हुई तेज बारिश से उपमंडल के विभिन्न गांवों के खेतों में चार दिन से जलभराव है। पानी निकासी को लेकर प्रशासनिक अधिकारी गंभीर नहीं हैं, जिसके विरोध में किसानों ने शुक्रवार सुबह 9 बजे पानीपत-गोहाना हाईवे को गांव रूखी के पास जाम कर दिया। किसानों ने ट्रैक्टर हाईवे पर अड़ा दिए और किसान हाईवे के बीच बैठ गए।
जाम की सूचना पर पहुंचे पुलिस दल ने एसीपी नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में हल्का बल प्रयोग कर किसानों को हाईवे से हटाया और कुछ किसानों को हिरासत में भी ले लिया। करीब 30 मिनट के बाद एसडीएम आशीष वशिष्ठ पहुंचे। उन्होंने किसानों को खेतों में जमा पानी की निकासी कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद ही किसान जाम खोलने पर राजी हुए।
उपमंडल के गांव कथूरा, धनाना, छिछड़ाना, मोई माजरा, मदीना व आसपास के गांव में बारिश का पानी जमा है। किसानों ने समाधान के लिए कई बार आला अधिकारियों से मांग की है। किसानों का कहना है कि अधिकारी व नेता निरीक्षण के लिए आते हैं, लेकिन समाधान करने की तरफ किसी का ध्यान नहीं है।
किसानों को समझाते एसडीएम आशीष वशिष्ठ व अन्य। संवाद
प्रशासन से गुहार लगाने के बावजूद कोई समाधान नहीं होने से रोषित किसानों ने शुक्रवार सुबह पानीपत-रोहतक हाईवे जाम कर दिया। जाम की सूचना पर पहुंचे पुलिस ने किसानों पर हल्का बल प्रयोग कर किसानों को हटाया और सड़क किनारे बैठने के लिए कहा।
हालांकि किसान डिवाइडर के बीच ही बैठे रहे। करीब 30 मिनट बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम ने आश्वासन देकर जाम खुलवाया। एसडीएम ने किसानों के कहने पर आला अधिकारियों के साथ खेतों में पहुंचकर जलभराव का निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों व बिजली निगम के अधिकारियों से पानी की छह मोटर व बिजली कनेक्शन देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है, जो मौके पर मौजूद रहेंगे और पानी निकासी करवाने का काम करेंगे।
सड़क पर लगे ट्रैक्टरों को पुलिसकर्मियों ने धक्के मारकर हटाया
किसानों ने जाम लगाने के दौरान रोहतक-पानीपत हाईवे पर ट्रैक्टर लगाकर जाम लगाना शुरू कर दिया और किसान ट्रैक्टर को हाईवे पर खड़ा कर सड़क के बीच में बैठ गए। पुलिस ने एक तरफ किसानों को जबरन सड़क से उठाना शुरू किया, वहीं दूसरी तरफ हाईवे पर खड़े ट्रैक्टर व ट्राॅली को धक्के मारकर हाईवे से हटाकर किनारे पर खड़ा किया। इसके बाद यातायात को सुचारु किया। किसानों ने हाईवे पर बैठकर जाम लगाया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। वहीं एसडीएम ने किसानों की समस्या सुनी और समाधान का आश्वासन दिया।
गोहाना उपमंडल के कई गांवों में बारिश का पानी जमा है। पानी की निकासी के लिए छह मोटर व बिजली के अस्थायी कनेक्शन दिए जाएंगे। साथ ही कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है, जो पानी की निकासी होने तक मोटरों के पास तैनात रहेंगे। किसानों को अब परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। प्रशासन किसानों की मदद करने के लिए तैयार है।
- आशीष वशिष्ठ, एसडीएम, गोहाना।