दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मुरथल में अब शोधार्थियों को हर महीने 10 हजार की जगह 15 हजार रुपये की स्कॉलरशिप दी जाएगी। वहीं, किसी भी छात्र को अपनी उत्तर पुस्तिका में कम अंक मिलने के अलावा गड़बड़ी की आशंका है तो वह 200 रुपये जमा करके उसकी फोटो कॉपी ले सकता है। इसके साथ ही नए सत्र में एमएससी माइक्रोबायोलॉजी भी शुरू किया जा रहा है और पीएचडी के थीसिज मूल्यांकन के लिए विदेशी विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है। यूनिवर्सिटी की एकेडमिक काउंसिल की मीटिंग में इन सभी सभी पर मुहर लगी है।
वीसी प्रो. टंकेश्वर कुमार ने बताया कि शोधार्थियों की स्कॉलरशिप दस हजार से बढ़ाकर 15 हजार रुपये कर दी गई है और शोधार्थी को विश्वविद्यालय में अध्यापन भी करना होगा। शोध की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए पीएचडी में थीसिज मूल्यांकन में अब तीन विषय विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। एक विशेषज्ञ को हरियाणा, दूसरे को अन्य राज्य तो तीसरे को विदेश से शामिल किया जाएगा जो अगले सत्र में प्रारंभ किया जाएगा।
मैटीरियल साइंस और नैनोटेक्नोलॉजी विषय नहीं होंगे बंद
वीसी के अनुसार एमएससी माइक्रोबायोलॉजी पाठ्यक्रम वर्ष 2017-18 से प्रारंभ किया जाएगा। इस कोर्स के प्रारंभ होने पर विद्यार्थी सूक्ष्म जीव विज्ञान के क्षेत्रों में सक्षम होकर मनुष्य के स्वास्थ्य, कृषि संबंधित, उद्योग में पर्यावरण की समस्या के निदान में आने वाले सूक्ष्म जीवों के बारे में अध्ययन कर सकेंगे। वहीं, छात्रों की मांग को देखते हुए फैसला लिया गया है कि यूनिवर्सिटी के छात्र 200 रुपये देकर अपनी उत्तर पुस्तिका की फोटो कापी ले सकेंगे। वहीं, मैटीरियल साइंस और नैनोटेक्नोलॉजी विषय को अभी बंद नहीं किया जा रहा है। इस विभाग को सुचारु रूप से कार्य करने के लिए एक वर्ष का समय दिया गया है। इस दौरान विभाग प्रयास करेगा कि छात्रों की रुचि आधुनिक विषय की तरफ बढ़े।