सोनीपत। कूड़ा प्रबंधन के नियमों की अनदेखी करने वाले ढाबा संचालकों, औद्योगिक इकाइयों और प्रॉपर्टी मालिकों पर नगर निगम ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम के तहत निगम ने 97 प्रतिष्ठानों और प्रॉपर्टी मालिकों को नोटिस जारी किए गए हैं।
संबंधित लोगों से केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के बल्क वेस्ट जनरेटर (बीडब्ल्यूजी) पोर्टल पर पंजीकरण कराने और कूड़े के उचित प्रबंधन की व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस के बावजूद नियमों का पालन न करने वालों पर 25,000 से 50,000 रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
नगर निगम ने ऐसे प्रतिष्ठानों को चिह्नित किया है जो निर्धारित मानकों के अनुसार बीडब्ल्यूजी की श्रेणी में आते हैं। इनमें वह प्रतिष्ठान शामिल हैं जहां प्रतिदिन 100 किलोग्राम या इससे अधिक कूड़ा निकलता है। परिसर का क्षेत्रफल 20,000 वर्ग फुट या इससे अधिक है। रोज 40,000 लीटर या इससे अधिक पानी का इस्तेमाल होता है। ऐसे प्रतिष्ठानों के लिए कूड़े का उचित प्रबंधन करना और निर्धारित पोर्टल पर पंजीकरण कराना जरूरी है।
पोर्टल पर पंजीकरण के साथ कूड़े का उचित प्रबंधन भी जरूरी :
नगर निगम की ओर से जारी नोटिस में संबंधित प्रतिष्ठानों को नियमों के अनुसार पंजीकरण कराने और अपने यहां निकलने वाले कूड़े के निस्तारण की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है। निगम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बड़े प्रतिष्ठानों से निकलने वाले कचरे का उचित प्रबंधन हो और उसे खुले में न फेंका जाए। नियमों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
नोटिस के बाद भी लापरवाही बरती तो लगेगा जुर्माना :
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि नोटिस जारी होने के बाद भी नियमों का पालन न करने वाले संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। इसके तहत 25 से 50 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। निगम की इस कार्रवाई का उद्देश्य शहर में कूड़े के उचित निस्तारण को बढ़ावा देना और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाना है।
नियमों का पालन नहीं करने वालों पर होगी कार्रवाई :
कूड़ा प्रबंधन नियमों की अनदेखी करने वाले 97 ढाबों, औद्योगिक इकाइयों और प्रॉपर्टी मालिकों को नोटिस जारी किए गए हैं। उन्हें बीडब्ल्यूजी पोर्टल पर पंजीकरण करा कूड़े के उचित प्रबंधन के निर्देश दिए गए हैं। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ नियमानुसार जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। - मीतू धनखड़, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम, सोनीपत।