सोनीपत। सोनीपत लोकसभा क्षेत्र की सियासत में किसका पलड़ा भारी रहेगा, इसका खुलासा तो 4 जून को ही होगा, लेकिन इसका फैसला मतदाता आज ही कर देंगे। सोनीपत में मुकाबला बेहद रोचक माना जाने लगा है। भाजपा व कांग्रेस में कड़ी टक्कर है। कांग्रेस जहां भूपेंद्र हुड्डा को ही आगे रखकर विधानसभा वाले मुद्दे गिनवा रही है तो भाजपा मोदी के सहारे ही बेड़ा पार लगाने की जुगत में है। शनिवार को मतदान के दौरान दोनों ही खेमों में गहमागहमी रहने के आसार हैं।
मोहनलाल बड़ौली : मोदी की उपलब्धियों का सहारा लिया
सोनीपत में भाजपा के प्रत्याशी के रूप में राई विधायक मोहनलाल बड़ौली मैदान में हैं, जबकि उनके सामने कांग्रेस के सतपाल ब्रह्मचारी चुनौती बने हुए हैं। खास बात यह है कि दोनों प्रत्याशी ब्राह्मण होने के कारण जाति का मुद्दा यहां शुरू से गौण रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व आम जनता के मुद्दे ही हावी रहे। भाजपा के मोहनलाल बड़ौली ने ज्यादातर जनसभा या जनसंपर्क में मोदी की उपलब्धियों का प्रचार किया है और देश के विकास में प्रधानमंत्री के मजबूत निर्णयों को बड़ा कारण बताया। राम मंदिर व अनुच्छेद 370 के मुद्दे को भी प्रमुखता से भुनाया है।
कांग्रेस ने अपने प्रचार का दायरा जन मुद्दों तक सीमित रखा। खासकर महंगाई, बेरोजगारी जैसे मुद्दे उठाकर महिलाओं व युवाओं को लुभाने का प्रयास किया गया। इसके अलावा प्रदेश में पिछली भूपेंद्र हुड्डा सरकार की उपलब्धियों के बारे में भी खूब प्रचार किया गया। दोनों ही पार्टियों ने जनता को अपने पक्ष में करने के लिए पुरजोर कोशिश की है। माहौल को देखते हुए कहा जा सकता है सोनीपत में मुकाबला बेहद रोचक होने वाला है। हार-जीत का अंतर बेहद कम रह सकता है।