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केजीपी-केएमपी एक्सप्रेस-वे का रास्ता साफ, 12 साल बाद धरना खत्म

Mon, 15 May 2017 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो सोनीपत।
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बढ़खालसा में धरने को समाप्त करवाकर हवन में आहुति डालते उपायुक्त केएम पांडुरंग व किसान। - फोटो : bureau
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कुंडली-गाजियाबाद-पलवल एक्सप्रेस वे और कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। अपनी जमीन बचाने के लिए 2005 से बढ़खालसा में धरने पर बैठे किसानों ने धरना समाप्त कर दिया है। रविवार को उपायुक्त केएम पांडुरंग ने धरना समाप्त कराते हुए हवन कराया, जहां उन्होंने किसानों के साथ हवन में आहुति डाली।
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2005 में किया था अधिग्रहण
कांग्रेस सरकार ने 2005 में केजीपी व केएमपी के गोल चक्कर व रोड के लिए बढ़खालसा गांव की जमीन का अधिग्रहण किया था। इसके विरोध में किसानों ने महायज्ञ के साथ धरना शुरू कर दिया था। उसके बाद से लगातार यह धरना चला आ रहा था। ग्रामीण अपनी जमीन किसी भी कीमत पर देने के लिए राजी नहीं थे और इसी वजह से सड़क का काम बीच में ही रुका हुआ था। भाजपा सरकार बनने के बाद अप्रैल 2016 को मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ ग्रामीणों की मीटिंग हुई। इस मीटिंग में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि रोड निर्माण के लिए रास्ते में आने वाली जमीन को नहीं छोड़ा जा सकता, लेकिन अगर किसान चाहें तो उन्हें उसके बदले दूसरी जगह पर जमीन दी जा सकती है। इसके साथ ही जिला प्रशासन को इन आदेशों का पालन करने के निर्देश भी दिए गए। इन्हीं आदेशों पर काम करते हुए उपायुक्त केएम पांडुरंग ने लगातार किसानों से संपर्क किया। उन्होंने किसानों को जमीन के बदले जमीन या बढ़ा हुआ मुआवजा उठाने की बात कही गई। अब प्रशासन व किसानों में केएमपी-केजीपी निर्माण के लिए जमीन छोड़ने की सहमति बन गई। रविवार को इसी मामले पर उपायुक्त गांव में पहुंचकर धरना समाप्त करवाया। इस मौके पर मोहन लाल बड़ौली, किसान संघ के महामंत्री वीरेंद्र बढ़खालसा, निशांत छौक्कर, सूरजभान, पवन, महेंद्र, रामधन, सतपाल, इंद्र सिंह, छज्जू राम, रिजक राम, सतीश नांगल, विष्णु आंतिल, राजेंद्र त्यागी आदि मौजूद रहे।
केएमपी-केजीपी निर्माण को लेकर किसानों ने सहमति जताते हुए 12 साल से चल रहा धरना समाप्त कर दिया है। 70 किसानों ने अपनी जमीन से मुआवजा उठा लिया और बाकी 212 किसानों को अब जमीन के बदले जमीन मुहैया करवा दी जाएगी। किसानों को जमीन के बदले जमीन देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।  केजीपी-केएमपी क्षेत्र की जीवन रेखा है और इससे विकास के नए रास्ते खुलेंगे।
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-केएम पांडुरंग, उपायुक्त सोनीपत।
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