लाठ जौली चौक पर आरक्षण समेत अन्य मांगों को लेकर चल रहे जाट समाज के धरने पर रविवार को भीड़ उमड़ पड़ी। रविवार को यहां बलिदान दिवस मनाया गया और पिछले साल आरक्षण आंदोलन के दौरान मारे गए युवकों केे श्रद्धांजलि दी गई। उनके परिजनों को समिति की ओर से दो-दो लाख रुपये व शॉल ओढ़ाकर सम्मान दिया गया। वहीं, धरनास्थल पर भीड़ को देखते हुए चप्पे-चप्पे पर पुलिस व अर्द्धसैनिक बल को तैनात किया गया।
मां की आंख में आंसू, लोग हुए भावुक
रविवार सुबह को हवन किया गया और उसके साथ ही पिछले आंदोलन में मारे गए युवकों के चित्र पर पुष्प अर्पित करके श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान आहुलाना के अजय मलिक, पांची जाटान के दिलबाग खत्री, माजरा के सुमित दहिया, गुमड़ के संदीप पहल, शामड़ी के राजेश खोखर, बिंद्रौली के संजीत बजाड़ व संजीव के परिवार के लोगों को दो-दो लाख रुपये व शॉल ओढ़ाकर सम्मान दिया गया। इस दौरान उनके परिवार वालों की आंखों से आंसू बहने लगे और झज्जर में मारे गए आहुलाना गांव के अजय मलिक की मां ओमपति मंच पर ही रोने लगे। उनको देखकर हर कोई भावुक हो गया और अजय की मां को सांत्वना दी।
मलिक ने बताई रणनीति
यहां पहुंचे अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि प्रदेश में एक मार्च से धरनों को बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा भी दिल्ली में आंदोलन शुरू करने की रूपरेखा तैयार की गई। यशपाल मलिक ने कहा कि सोमवार को पानीपत में कमेटी के साथ दूसरे दौर की वार्ता होगी और उनकी मांगों को जब तक पूरा नहीं किया जाएगा, उनका धरना जारी रहेगा। वहीं यशपाल मलिक ने सरकार की ओर से दिए गए मुआवजे की राशि पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि मुआवजा काफी कम दिया गया है और काफी लोगों को छोड़ दिया गया है। सरकार के कई मंत्रियों का नाम लिए बिना कहा कि वे बिरादरी की जगह सरकार की बात करते हैं और वह कौम के गद्दार हैं।
वालंटियरों ने संभाली यातायात व्यवस्था
गांव जौली में चल रहे धरनास्थल पर आयोजित बलिदान दिवस के दौरान उमड़ी भीड़ व वाहनों को व्यवस्थित करने के लिए जाट आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा नियुक्त किए गए 500 वालंटियरों ने सारी व्यवस्था संभाली। हर गांव में 10 से 15 युवकों की टोली बनाकर खड़ी की गई थी, ताकि कोई भी व्यक्ति हुड़दंग न करे तथा किसी भी स्थान पर जाम न लग पाए। इसी प्रकार धरना स्थल पर आने वालों को बैठाने व भीड़ को काबू करने का जिम्मा भी उन्हीं का था। धरना स्थल पर चाय-पानी आदि की व्यवस्था भी इन्हीं के जिम्मे सौंपी गई थी।
नहीं बनाया गया खाना
श्रद्धांजलि सभा में आए लोगों को आयोजन समिति की ओर से चाय के अलावा दूध का भी प्रबंध किया गया था। शोक सभा होने के कारण खाना नहीं बनाया गया था। इसकी पहले दिन ही घोषणा कर दी गई थी। वालंटियरों ने लोगों के बीच जाकर उन्हेें पानी, दूध व चाय आदि दी। महिलाओं के लिए 100 महिला स्वयंसेवक लगाई गईं थीं।
पुलिस प्रशासन ने ली राहत की सांस
धरना स्थल पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा के दौरान पुलिस को मौके से हटा लिया था। समिति ने दो दिन पहले प्रशासन को आगाह किया था कि पुलिस की दखलंदाजी से मामला बिगड़ सकता है। इसी बात को देखते हुए प्रशासन ने पूरी फोर्स को अस्थाई कंट्रोल रूम के पीछे खड़ा कर दिया गया था, ताकि किसी तरह की कोई टिप्पणी ना की जाए।
सभी खापों के प्रतिनिधि पहुंचे
जौली गांव में आयोजित बलिदान दिवस पर गठवाला खाप के अलावा नरवाल खाप, गहलावत खाप व दहिया खाप के लोग पहुंचे। नेताओं में इनेलो के डॉ. केसी बांगड़ व डॉ. कपूर नरवाल आदि ही दिखाई दिए। कांग्रेस का कोई छोटा-बड़ा नेता नहीं दिखाई नहीं दिया। वैसे कांग्रेस व भाजपा के कई नेता पहले धरनास्थल पर आकर अपना समर्थन दे चुके हैं।