आरक्षण आंदोलन के चलते रविवार को गोहाना व रोहतक रूट पर रोडवेज की 47 बसें बंद रही। बसों को किसी हानि से बचाने के लिए विभाग ने इन बसों को एक दिन के लिए बंद किया गया, लेकिन इसके चलते करीब 10 हजार यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्हें निजी साधनों का सहारा लेना पड़ा। सामान्य दिनों में इन रूटों पर करीब 20 हजार यात्री सफर करते हैं, लेकिन रविवार होने के कारण इनकी संख्या करीब 10 हजार रह जाती है, जिन्हें बंदे बंद करने के कारण इंतजार करना पड़ा। वहीं, रोडवेज की ओर से अब तक फोर्स को सुरक्षा के लिए 35 बसें सौंपी जा चुकी हैं। इसके चलते रोडवेज के पास पहले से ही बसों की कमी है। बसों की कमी होने के कारण लगभग 32 ग्रामीण व शहरी रूट प्रभावित हैं। रूटों पर बसें न मिलने के कारण यात्रियों को परेशानी हो रही है।
गोहाना व रोहतक रूट पर 47 बसें करती हैं आवागमन
रोडवेज की 47 बसें हर रोज गोहाना व रोहतक रूट पर आवागमन करती हैं। इनमें 25 बसें गोहाना से सोनीपत व 22 बसे रोहतक से सोनीपत जाती हैं। हर रोज लगभग 20 हजार यात्री इन बसों में यात्रा करते हैं। दोनों रूटों पर बसें बंद होने से यात्रियों को निजी वाहनों में यात्रा करनी पड़ी। वहीं समय पर बस न मिलने के कारण परेशानी का भी सामना करना पड़ा।
इन ग्रामीण रूटों पर रोडवेज सेवा प्रभावित
आरक्षण आंदोलन के लिए रोडवेज की ओर से 35 बसें सौंपने से लगभग 32 रूट प्रभावित हैं। इनमें उमेदगढ़, पबनेरा, घसौली, खानपुर, नरेला, मंडोरा, खुर्मपुर, मलिकपुर, मकीनपुर, राठधना, बड़ौली, नांदनौर, सरढ़ाना, कटवाल, फरमाणा, गुहणा, भैंसवाल कलां, रिढ़ाऊ, ताजपुर, नरेला, सांपला, बेगा, सनपेड़ा, घसौली, झिंझोली सहित अनेक ग्रामीण रूट प्रभावित हैं। इन रूटों पर बस सेवा प्रभावित होने के कारण यात्रियों को दूसरे वाहनों में आवागमन करने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
आरक्षण आंदोलन के चलते की गई बसें बंद
रोहतक व गोहाना की तरफ आरक्षण आंदोलन के चलते धरने चल रहे हैं। रविवार को धरनों पर ज्यादा भीड़ होने की सूचना विभाग को मिली थी। ऐसे में कोई हानि न हो, इससे बचने के लिए विभाग ने गोहाना व रोहतक रूटों का बंद रखा। इसके अलावा ग्रामीण रूटों पर बसों की सेवाएं देने के लिए सोनीपत रूट से आठ बसें कम की गई हैं। वहीं, गोहाना से पांच बसों को लाया गया है ताकि यात्रियों को कोई परेशानी न हो।
-कर्मबीर गहलावत, डीआई रोडवेज।