प्रदेश की चार कारागारों में मोबाइल की घंटी पूरी तरह से बंद हो जाएगी। इसके लिए जेल महानिदेशक यशपाल सिंह सिंघल की पहल पर चार कारागारों में जल्द ही जैमर लगा जाएंगे। सात करोड़ की लागत से खरीदे गए इन जैमर की मदद से जहां सोनीपत और झज्जर जेल को पूरी तरह से जैमर युक्त बनाया जाएगा, वहीं अंबाला और गुरुगांव जेल में संवेदनशील क्षेत्र को कवर किया जाएगा। जैमर लगाने के लिए तकनीकी टीम ने चारों जेलों का सर्वे कर लिया है। अब जल्द ही इन्हें लगाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
अक्सर प्रदेश की जिला कारागारों मोबाइल फोन मिलने की शिकायत मिलती रहती है। मोबाइल फोन से बंदी कारागार के अंदर से ही रंगदारी मांगने तक का काम करते हैं। इतना ही नहीं मोबाइल फोन का प्रयोग कर बदमाश जेल ब्रेक जैसी वारदात को अंजाम दे देेते हैं। ऐसे में कारागार में मोबाइल की घंटी न बज सके इसके लिए लंबे समय से प्रयास किए जा रहे हैं। अब चार जिलों में यह योजना साकार होने जा रही है। प्रथम चरण में चार जिलों में जैमर लगाने के बाद अन्य 15 जिलों में भी जैमर लगाने की प्रक्रिया पर काम किया जाएगा।
कारागार में सुरक्षा को लेकर सभी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में चार कारागारों में सात करोड़ की लागत से जैमर लगाए जा रहे हैं। सुरक्षा में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। वहीं, कारागार में मोबाइल मिलने पर कठोर कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
यशपाल सिंह सिंघल, पुलिस महानिदेशक (जेल)