शहर सालभर अपनी छोटी यानी नगर निगम की सरकार का इंतजार करता रहा। विकास कार्यों की शहरवासियों को बड़ी यानी प्रदेश सरकार से दरकार रही, जिसे प्रदेश की केबिनेट मंत्री, स्थानीय विधायक कविता जैन ने पूरा किया। साल 2016 में जहां यमुना का पानी मिला, वहीं सीवरेज व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए धरातल पर काम किया गया। इसके बावजूद नगर निगम गड़बड़ियों व घोटालों की वजह से ज्यादा चर्चा में रहा।
प्रदेश सरकार ने जुलाई 2014 में नगर परिषद को भंग करके नगर निगम का दर्जा दिया था। शहरवासियों को उम्मीद जगी थी कि अब सोनीपत का विकास गुरुग्राम व फरीदाबाद की तर्ज पर होगा। साथ ही शहर स्मार्ट सिटी बनने के लिए केंद्र सरकार द्वारा रखी गई परीक्षा को पूरा कर देगा, लेकिन ऐसा हो नहीं सकी। इसके बावजूद स्थानीय विधायक कविता जैन के शहरी निकाय एवं केबिनेट मंत्री होने के चलते विकास की उम्मीद पहले की तरह बरकरार रही। अब 2017 में नगर निगम के चुनाव की उम्मीद बनी हुई है।
निगम ने करवाए ये विकाय कार्य
: हलवाई हट्टा, फेज बाजार में सड़क, सीवरेज व पेयजल लाइन पर 3 करोड़ खर्च।
: शहर में एससी व बीसी समुदाय के 28 सामुदायिक केंद्रों का निर्माण व मरम्मत।
: शनि मंदिर के पास 46 लाख की लागत से रेनबसेरा।
: 95 करोड़ की लागत से रैनीवाल प्रोजेक्ट का चालू होना।
: हरसाना के पास 3 करोड़ में नंदीशाला का निर्माण।
: निगम की एमसीसोनीपत नाम से ऐप चालू, ऑन लाइन शिकायत दर्ज करवाने की सुविधा।
: शहर में ई-टायलेट का निर्माण व 10 पार्कों के सौंदर्यीकरण की प्लानिंग।
: ई-दिशा केंद्र की तर्ज पर नागरिक सुविधा केंद्र चालू।
: शहर के सीवरेज की समस्या को खत्म करने के लिए 50 लाख में सीवर लाइनों की सफाई।