ओलंपियन पहलवान योगेश्वर दत्त के गांव में आईटीआई नहीं बनेगी। डायरेक्टर ने वहां आईटीआई खोलने पर सवाल उठाते हुए इसके लिए इंकार कर दिया है। इस मार्फत डायरेक्टर ने अपर सचिव को पत्र भेजा है, जिसमें कहा गया है कि क्षेत्र में दो आईटीआई पहले ही स्थापित हैं, जिससे गांव में आईटीआई नहीं बनाई जा सकती। इस तरह हुड्डा सरकार के प्रोजेक्ट को कैंसिल कर दिया गया है।
4 एकड़ जमीन की गई ट्रांसफर
भैंसवाल कलां गांव में आईटीआई बनवाने के लिए पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सितंबर 2013 में घोषण की थी। इस घोषणा को पूरी करने के लिए ग्राम पंचायत की ओर से चार एकड़ जमीन आईटीआई बनवाने के लिए जून 2014 में संबंधित विभाग के नाम ट्रांसफर कर दी थी। इसके बाद प्रदेश में सरकार बदल गई, जिससे आईटीआई के लिए कोई बजट जारी नहीं हुआ। अब औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के डायरेक्टर ने नियमों के अनुसार वहां आईटीआई न बनने की बात कही है। इसके संबंध में उन्होंने सीएम कार्यालय के अपर सचिव को पत्र भेजा है। डायरेक्टर ने अपर सचिव को भेज गए पत्र में पहले ही भैंसवाल कलां के आसपास दो आईटीआई होने की बात कही गई है।
इस कारण कैंसिल किया आईटीआई प्रोजेक्ट
डायरेक्टर ने पत्र में लिखा है कि भैंसवाल कलां में 224 क्षमता की राजकीय आईटीआई सरकार की ओर से सितंबर 2013 को अनुमोदित किया गया था। संस्थान के निर्माण के लिए चार एकड़ ग्राम पंचायत की ओर से विभाग के नाम की जा चुकी है। इस भूमि पर संस्थान के निर्माण के लिए न ही कोई साइट प्लान बनाया गया और न ही भवन की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई थी। इस तरह संस्थान के लिए फंड रिलीज नहीं किया गया था। वहीं भैंसवाल कलां गांव के 25 से 30 किलोमीटर के आसपास क्षेत्र में पांच राजकीय व दो प्राइवेट आईटीआई पहले ही चल रही हैं। इसलिए भैंसवाल कलां के आसपास छात्रों के लिए प्रशिक्षण की पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध होने के दृष्टिगत नई आईटीआई स्थापित किया जाना संभव नहीं है।
गोहाना के प्रिंसिपल ने भेजी थी आईटीआई न बनाने की रिपोर्ट
भैंसवाल कलां गांव में आईटीआई न बनाने के लिए जनवरी 2017 में गोहाना स्थित राजकीय आईटीआई के प्रिंसिपल ने रिपोर्ट भेजी थी। रिपोर्ट में भैंसवाल कलां के आसपास 25 से 30 किलोमीटर एरिया में 5 राजकीय व 2 प्राइवेट आईटीआई होने की रिपोर्ट दी थी। इस रिपोर्ट के आधार पर ही विभाग ने भैंसवाल कलां में आईटीआई न बनाने का फैसला लिया है।
आईटीआई बनाने की मांग करेंगे
गांव में आईटीआई बनने से आसपास के गांवों के छात्रों को बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद थी। वहीं, दूर-दराज क्षेत्र में जाने की आवश्यकता भी नहीं थी, लेकिन विभाग ने आईटीआई बनाने की घोषणा को रद्द कर दिया है। ग्राम पंचायत की ओर से पहले भी लगातार मांग की जा रही थी। अब दोबारा फिर सरकार से गांव में आईटीआई बनाने की मांग की जाएगी।
-राजेश मलिक, सरपंच ग्राम पंचायत मिठाना पाना भैंसवाल कला।
कांग्रेस उठाएगी आईटीआई का मुद्दा
पूर्व सरकार की घोषणाओं पर मौजूदा सरकार लीपापोती कर रही है। विभाग की ओर से भैंसवाल कलां में आईटीआई बनाने की घोषणा को रद्द करना सही नहीं है। इसके लिए कांग्रेस जोर-जोर से विधानसभा तक आवाज उठाएगी।
-श्रीकृष्ण हुड्डा, कांग्रेस विधायक हलका बरोदा।